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सुप्रीम कोर्ट में निजी अस्पतालों के राष्ट्रीयकरण की अपील, सफाई कर्मियों को सुरक्षा की भी गुहार

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर करके देश में कोविड-19 से निपटने के लिए सभी निजी स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पतालों का राष्ट्रीयकरण ककी अपील की है। इसके लिए केंद्र, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए जाने की भी मांग की गई है। इसी बीच एक अन्य याचिका दायर करके सफाई कर्मियों की सुरक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

दिल्ली के वकील अमित द्विवेदी ने गुरुवार को अपनी याचिका में दावा किया है कि इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए भारत में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का पर्याप्त ढांचा नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया है कि सभी स्वास्थ्य सेवाओं, संस्थानों और कंपनियों को कोरोना के संक्रमण का मुफ्त इलाज करने का निर्देश दिया जाए। कोरोना संक्रमण के परीक्षण भी मुफ्त ही किए जाएं। कोरोना की स्क्रीनिंग और कंफर्मेशन टेस्ट की लागत 4500 रुपये है।

सुप्रीम कोर्ट विगत बुधवार को ही निजी जांच लैबों को निर्देशित कर चुका है कि वह मुफ्त में कोरोना के संक्रमण की जांच करें। याचिकाकर्ता अमित द्विवेदी ने कहा कि भारत में सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र अभी भी संसाधनों के मामले में कमजोर है। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट में सामाजिक कार्यकर्ता हरमन सिंह ने एक याचिका दायर करके राष्ट्रीय लॉकडाउन के दौरान सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को सुरक्षित रखने का अधिकार दिया जाए।

इसमें मांग की गई है कि इन कर्मचारियों को 24 घंटे के अंदर पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट) किट देने और उनके कोरोना परीक्षण की सुविधा हो। साथ ही 48 घंटे के अंदर इन कर्मियों के परिजनों का परीक्षण किया जाए।

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