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छत्तीसगढ़

द्रौपदी की व्यथा बताते रो पड़ी पंडवानी गायिका तरुणा साहू, राज्योत्सव कार्यक्रम में दे रहीं थी प्रस्तुति

धमतरी : धमतरी जिले में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में पंडवानी गायिका तरुणा साहू कार्यक्रम के दौरान रो पड़ी. छत्तीसगढ़ स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर जिले में तीन दिवसीय कार्यक्रम रखा गया था.जिसमें पंडवानी गायिका तरुणा साहू का भी शो था. दूसरे दिन पद्मश्री तीजन बाई की शिष्या तरुणा साहू जो पेशे से RPF में इंस्पेक्टर हैं,वो कार्यक्रम के लिए पहुंची.

पंडवानी गाकर बांधा समा : तरुणा साहू ने धमतरी के राज्योत्सव कार्यक्रम में पंडवानी गायन कर समा बांधा. जैसे ही पंडवानी शुरू हुई लोगों ने ताली बजाकर तरुणा साहू का स्वागत किया. तरुणा साहू अपने गायन में द्रौपदी चीरहरण की व्यथा लोगों को सुना रही थी. इस दौरान वो खुद भावुक हो गई.

भावुक होकर महाभारत के दृश्य का किया गायन : तरुणा ने मंच से बताया कि जब द्रोपदी चीरहरण में पांच पांडव अपने विरोधी के साथ पासा खेलते वक्त अपनी पूरे संपत्ति को हार जाते हैं, इसके बाद वो अपनी पत्नी को भी दांव पर लगा देते हैं. इस खेल में पांडव अपनी पत्नी को हार जाते हैं. हारने के बाद जब विरोधी चीरहरण करता है तो द्रौपदी खूब चिल्लाने लगती हैं. द्रौपदी सभा में मौजूद हर किसी से मदद मांगती हैं. लेकिन पांच पांडव भी सामने नहीं आते. इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण को द्रौपदी याद करती हैं.द्रोपदी की बात सुनकर आशीर्वाद देते हुए श्रीकृष्ण आते हैं और द्रोपदी के ऊपर वस्त्र डालते हैं.

पंडवानी गायिका तरूणा साहू ने कहा कि जैसा पद्मश्री तीजन बाई ने उन्हें सिखाया उसको पूरी तरह से कार्यक्रम में प्रस्तुत किया गया. धमतरी जिला उनका गृह जिला है. जहां पर अपने लोग रहते हैं, वहां पर कार्यक्रम देने में और भी अच्छा लगता है.

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