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धार्मिक

कर्ज से परेशान हैं तो यहां आएं! ऋण मुक्तेश्वर मंदिर के सामने दंडवत रहते हैं लोग, जानें त्रेतायुग से जुड़ी इस मंदिर की चमत्कारी महिमा

बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के कण-कण में शंकर जी का वास है. कहा जाता है कि जो भी भक्त उनके दर्शन करने के लिए आता है वे उनके कष्ट हर लेते हैं. यही नहीं, जो भी कर्ज में डूबा हुआ है अगर वो ऋण मुक्तेश्वर महादेव के शरण में जाता है तो उसका न सिर्फ कर्ज उतर जाता है बल्कि बेड़ा पार हो जाता है.

ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर शिप्रा नदी के तट पर बना हुआ है, जोकि वाल्मिकी धाम क्षेत्र में आता है. मंदिर की खासियत यह है कि ये एक वटवृक्ष के तने में बना हुआ है. इस मंदिर में भगवान शंकर के अलावा माता पार्वती, गणेश भगवान और कार्तिकेय जी की मूर्तियां हैं. यहां हर शनिवार और मंगलवार को विशेष पूजा की जाती है, जिसे पीली पूजा भी कहा जाता है. इस पीली पूजा में पीले वस्त्र में चना दाल, हल्दी और गुड़ बांधे जाते हैं और वहीं भगवान शंकर के मंदिर में अर्पित किए जाते हैं.

क्या है ऋण मुक्तेश्वर मंदिर की महिमा?

उज्जैन के रहने वाले जगतगुरु श्री रामभद्राचार्य जी के कृपा पात्र शिष्य आचार्य अनिल शर्मा ने इस मंदिर की महिमा के बारे में बताया है. उन्होंने कहा कि उज्जैन बाबा महाकालेश्वर की नगरी है. इस पवित्र स्थान को हम ऋण मुक्तेश्वर महादेव के नाम से जानते हैं. यहां की विशेषता यह है कि यह मंदिर इस युग का नहीं बल्कि त्रेता युग के समय का है, जोकि लाखों साल पुराना है.

उन्होंने कहा कि त्रेता युग में राजा हरिश्चंद्र महाराज ने यहां पर कर्ज मुक्त होने के लिए पूजा की थी. दरअसल, राजा हरिश्चंद्र ने विश्वामित्र जी को दान देने का संकल्प किया था और जब वह संकल्प पूरा नहीं कर पाए तब उन्होंने यहां आकर के भगवान शंकर की और आराधना करने पर भगवान शिव ने उन्हें कर्ज मुक्त होने का वरदान दिया और यह भी वचन दिया कि जो भी यहां आकर दर्शन व पूजन करेगा वह ऋण से मुक्त हो जाएगा.

‘कर्ज से परेशान लोग करें भगवान शिव की आराधना’

आचार्य अनिल शर्मा ने कहा कि अगर किसी कारणवश बिजनेस या फिर किसी भी कार्य के चलते कर्ज हो गया है और उससे परेशान हैं तो उस कर्ज से मुक्ति पाने के लिए यहां आकर भगवान शिव की आराधना की जा सकती है क्योंकि ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में आराधना करने से व्यक्ति जरूर ऋण से मुक्त हो जाता है.

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