ब्रेकिंग
रामगंगा नहर किनारे टहलते समय आया मिर्गी का दौरा: नहर में डूबे 25 वर्षीय आशुतोष का 12 घंटे बाद मिला श... Haryana Blood Donation Record: लगातार तीसरे साल रक्तदान में देश में नंबर-1 बना हरियाणा, 1 अक्टूबर को... Kaithal Crime News: कलायत में अवैध पटाखा फैक्ट्री पर CIA का छापा, पटाखों से भरा ट्रक-पिकअप पकड़ा; 4 ... Kurukshetra Murder Case: शराब और मारपीट से तंग आकर पत्नी ने 3 चाकुओं से गोदा पति का पेट, छत से कूदकर... Nuh News: नूंह में मिलावटी पनीर माफिया पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, 4 डेरियों से 7,500 किलो नकली पनीर ... Faridabad Fire News: फरीदाबाद में दो जगहों पर भीषण आग, डबुआ-पाली रोड की रबर फैक्ट्री में जलीं 2 गाड़... Atal Pension Yojana: अटल पेंशन योजना में हर महीने मिलेगी ₹5000 तक पेंशन, जानें ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन... Korba Crime News: कोतवाली थाने में 'आज जेल होई, कल बेल होई' गाने पर महिला ने बनाई रील, पुलिस ने की प... Chhattisgarh Monsoon Update: छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय हुआ मानसून, बस्तर और रायपुर-दुर्ग संभाग में भा... CGPSC 2003 Scam: छत्तीसगढ़ पीएससी 2003 भर्ती घोटाले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी, 15 अधिकारियों पर चा...
छत्तीसगढ़

धान खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था, धान बेचने के लिए किसान हो रहे परेशान, लैंप्स कर्मचारियों की हड़ताल का दिखा असर

कोंडागांव : कोंडागांव जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी प्रक्रिया 15 नवंबर से शुरू हो चुकी है. लेकिन धान खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था और कुप्रबंधन के कारण किसान परेशान हो रहे हैं. कोंडागांव जिले के 13 धान खरीदी केंद्रों में सोमवार को सिर्फ 32 टोकन कटे, जिसमें गिरोला और मसोरा केंद्रों पर हालात सबसे अधिक खराब थे.

धान खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था : धान बेचने के लिए आए किसानों ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन टोकन लिया था. लेकिन केंद्रों पर पहुंचते ही अव्यवस्था का आलम नजर आया. लैंप्स समिति के कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण शासन ने ग्राम सचिवों और पटवारियों को खरीदी प्रभारी और प्रबंधक बना दिया है.

इन अफसरों को खरीदी शुरू होने से महज एक दिन पहले ही खानापूर्ति प्रशिक्षण देकर तैनात कर दिया गया.इस वजह से ना तो व्यवस्था संभल रही हैं और ना ही सुचारू रूप से खरीदी हो रही है – तरुण कुमार, किसान

सुबह से शाम तक लाइन में लगे किसान,फिर भी नहीं बिका धान : सॉफ्टवेयर और तकनीकी खामियों के कारण नए प्रबंधक, ऑपरेटर और खरीदी प्रभारियों को खरीदी में परेशानी हो रही है. सुबह से धान खरीदी केंद्रों पर पहुंचे किसानों को कई घंटे लाइन पर खड़ा होना पड़ रहा है. पानी, बिजली, शेड और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं तो हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या हमालों की अनुपस्थिति है.

किसान खुद संभाल रहे हैं काम : धान खरीदी केंद्रों के हालात ये हैं कि किसान खुद ही बारदाना निकाल रहे हैं. मार्किंग करने के बाद बोरा भर रहे हैं.यही नहीं हमालों की कमी के कारण वो बोरों में सिलाई भी खुद से कर रहे हैं. कई किसानों ने शिकायत की है कि सुबह से लेकर शाम हो गई,लेकिन उनका धान नहीं बिक पाया.

कांग्रेस ने अव्यवस्था पर उठाए सवाल : कांग्रेस ने इस अव्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पार्टी का कहना है कि सरकार को पहले से पता था कि 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो रही है और लैंप्स कर्मचारी हड़ताल पर हैं, इसके बावजूद पुख्ता तैयारी नहीं की गई.

कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार तुरंत स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए और लैंप्स कर्मचारियों की मांगों पर विचार कर समाधान निकाले. ताकि किसानों को आने वाले दिनों में परेशानी ना उठाना पड़े.

हड़ताल का दिखा असर: आपको बता दें कि इस बार हड़ताल और टोकन से संबंधित दिक्कतों के कारण खरीदी सीमित रूप से शुरु हुई है. धान खरीदी केंद्रों के अधिकारी और कर्मचारी पिछले 14 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. इसी कारण कई सोसाइटियों में ताले लगे हैं. स्थिति सामान्य रखने के लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की है.अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाकर धान खरीदी केंद्रों में तैनात किया गया है.

Related Articles

Back to top button