ब्रेकिंग
NEET Paper Leak Case: सीबीआई का बड़ा खुलासा, मास्टरमाइंड शुभम खैरनार के पास 27 अप्रैल को ही पहुंच गय... Delhi Auto-Taxi Strike: दिल्ली में 21 से 23 मई तक ऑटो-टैक्सी की महाहड़ताल; जानें क्यों बंद रहेंगे कम... Moradabad Sonu Murder Case: मुरादाबाद के चर्चित सोनू हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, मंगेतर समेत ... पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े तो झारखंड के सरकारी टीचर ने अपनाई अनोखी राह, बाइक छोड़ घोड़े से पहुंचे जनगण... बिजनौर धर्मांतरण मामला: रोजगार के बहाने श्रीनगर ले जाकर नाबालिग को पढ़वाया कलमा; पूर्व सांसद के साथ ... Twisha Sharma Case: 'I Am Trapped' मौत से ठीक पहले ट्विशा का आखिरी मैसेज; कजिन और मौसी ने किए रोंगटे... West Bengal Politics: ममता बनर्जी अपने बूथ पर भी हारीं, उनका सियासी करियर खत्म; मुख्यमंत्री शुभेंदु ... Bird Flu in Maharashtra: महाराष्ट्र के नंदुरबार में बर्ड फ्लू का पहला संदिग्ध ह्यूमन केस; कर्मचारियो... Katni-Maihar Highway Accident: मैहर जा रहे श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्राली को ट्रक ने 3 बार मारी टक्क... Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले में सामने आए 2 संदेहास्पद CCTV फुटेज, शव नीचे लाते दिखे प...
खेल

ट्रंप नहीं आएंगे तो मोदी भी नहीं जाएंगे, PM का US न जाना किस बात का संकेत?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान होने वाली मुलाकात की उम्मीदें अब खत्म गई हैं. प्रधानमंत्री मोदी इस बार UNGA के सत्र में भाग नहीं लेंगे. यहां भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस जयशंकर करेंगे. आइए जानते हैं PM मोदी का अमेरिका न जाने का फैसला किस बात का संकेत है और इसके संभावित राजनयिक असर क्या होंगे…

1. भारत का आधिकारिक निर्णय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में अमेरिका की यात्रा नहीं करेंगे. भारत ने आधिकारिक रूप से संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को सूचित किया है कि इस बार विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. संशोधित स्पीकर लिस्ट में अब विदेश मंत्री का नाम शामिल किया गया है.

2. UNGA की परंपरा और प्रक्रिया

आम तौर पर UNGA स्पीकर लिस्ट प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के नाम से तैयार की जाती है. संबंधित देश जब आधिकारिक रूप से सूचना देता है, तभी लिस्ट अपडेट होती है. भारत ने औपचारिक रूप से जानकारी देकर यह परिवर्तन कराया है.

3. संभावित राजनयिक असर

PM मोदी के अमेरिका नहीं जाने से मोदी-ट्रंप मीटिंग की संभावना खत्म हो गई. UNGA यात्रा के दौरान अक्सर अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकातें होती रही हैं, इस बार ऐसा अवसर नहीं मिलेगा. विशेषज्ञ इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका के प्रति भारत के कड़े रुख का संकेत मान रहे हैं.

4. वैश्विक संदर्भ और टाइमिंग का खेल

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही मोदी को दोस्त बताते हुए नरमी दिखाने की कोशिश की हो, लेकिन PM मोदी ने दूरी बनाए रखने का संकेत दिया है. इसे क्वाड शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति की गैरमौजूदगी से भी जोड़ा जा रहा है.

चीन में पिछले हफ्ते हुई SCO बैठक में भारत की सक्रिय भागीदारी और अब अमेरिका से दूरी, दोनों को एक साथ जोड़कर देखा जा सकता है.

5. विदेश मंत्रालय का बयान और अमेरिका से रिश्ते

विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते मजबूत हैं. लेकिन PM मोदी के इस निर्णय को विशेषज्ञ एक खास संदेश के रूप में देख रहे हैं. भारत अब ट्रंप प्रशासन के रवैये को लेकर नरमी बरतने के मूड में नहीं है. यह कदम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की स्वतंत्र और मजबूत स्थिति को भी दिखाता है.

Related Articles

Back to top button