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दिल्ली/NCR

NEET Paper Leak Case: सीबीआई का बड़ा खुलासा, मास्टरमाइंड शुभम खैरनार के पास 27 अप्रैल को ही पहुंच गया था नीट का पेपर

नई दिल्ली/नासिक: देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा ‘NEET’ पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बेहद चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। सीबीआई ने इस पूरे काले कारोबार का नासिक-राजस्थान कनेक्शन उजागर कर दिया है। जांच में यह बेहद सनसनीखेज जानकारी सामने आई है कि इस पूरे रैकेट के मुख्य किरदारों में से एक शुभम खैरनार के हाथ परीक्षा से काफी पहले, यानी 27 अप्रैल को ही नीट (NEET) का ओरिजिनल क्वेश्चन पेपर लग चुका था। पेपर लीक की यह टाइमलाइन दर्शाती है कि परीक्षा तंत्र में सेंधमारी कितनी गहराई से की गई थी।

📲 टेलीग्राम ऐप के जरिए जुड़े थे यूपी, हरियाणा और राजस्थान के तार: कूरियर की तरह राज्यों में फैलाया गया लीक पेपर

सीबीआई की कस्टडी और तकनीकी जांच में यह बात भी सामने आई है कि क्वेश्चन पेपर हाथ में आते ही सबसे पहले शुभम का संपर्क उत्तर प्रदेश (UP) के कुछ बड़े माफियाओं और लोगों से हुआ था। इसके तुरंत बाद कड़ियां जोड़ते हुए हरियाणा के संदिग्ध लोगों से भी संपर्क साधा गया। हरियाणा के इसी रूट का इस्तेमाल करके नीट का पेपर राजस्थान के कोचिंग हब ‘सीकर’ पहुंचाया गया, जहां से इसे संगठित तरीके से देश के अलग-अलग राज्यों में लीक किया गया। जांच एजेंसियों को पुख्ता जानकारी मिली है कि क्वेश्चन पेपर हाथ में आने के बाद शुभम खैरनार दो दिनों तक नासिक से गायब था। इस दौरान नासिक से लेकर अहिल्यानगर और पुणे तक इस गैंग के डिजिटल तार जुड़े होने की आशंका है। आरोपी पकड़े जाने से बचने के लिए बातचीत और पेपर शेयरिंग के लिए केवल टेलीग्राम (Telegram) ऐप के एन्क्रिप्टेड चैट फीचर का इस्तेमाल करते थे।

💰 15 से 20 लाख रुपए में एक-एक पेपर बेचे जाने का संदेह: परीक्षा से पहले ही शुरू हो गया था करोड़ो का अवैध खेल

सीबीआई की शुरुआती जांच के मुताबिक, 27 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच एक-एक नीट क्वेश्चन पेपर को 15 से 20 लाख रुपए की भारी-भरकम कीमत पर चुनिंदा परीक्षार्थियों और उनके परिजनों को बेचे जाने का पुख्ता संदेह जताया गया है। इसके साथ ही जांच अधिकारियों को अंदेशा है कि मुख्य परीक्षा की तारीख 3 मई से काफी पहले ही पेपर की धड़ल्ले से बिक्री शुरू हो गई थी। फिलहाल, इस पूरे नेटवर्क के पीछे छिपे सिंडिकेट और इसमें शामिल सफेदपोशों को बेनकाब करने के लिए सीबीआई की वित्तीय विंग बैंक खातों और हवाला के जरिए हुए करोड़ों रुपये के इस आर्थिक लेन-देन की गहनता से स्क्रूटनी कर रही है।

🏢 नांदेड़ के कदम परिवार से पुणे में आज फिर होगी तीखी पूछताछ: 5 लाख रुपये में बेटी के लिए खरीदा था लीक पेपर

इधर, नीट पेपर लीक मामले के महाराष्ट्र कनेक्शन में आज सीबीआई नांदेड़ के रहने वाले कदम परिवार से पुणे स्थित अपने क्षेत्रीय कार्यालय में दोबारा पूछताछ करेगी। बताया जा रहा है कि बीते शनिवार को सीबीआई की एक विशेष टीम ने नांदेड़ शहर के विद्युत नगर इलाके में स्थित एक फ्लैट पर अचानक छापा मारकर कदम परिवार के सदस्यों से करीब आठ घंटे तक मैराथन पूछताछ की थी। सीबीआई की जांच में यह पुख्ता सबूत मिला है कि कदम परिवार ने अपनी बेटी के डॉक्टर बनने के सपने को अनुचित तरीके से पूरा करने के लिए पुणे के एक अज्ञात एजेंट के माध्यम से 5 लाख रुपये नकद देकर नीट का लीक पेपर खरीदा था। इसी एजेंट के जरिए परिवार ने बड़ा आर्थिक लेन-देन भी किया था।

📉 पीवी कुलकर्णी की गिरफ्तारी के बाद खुला कदम परिवार का राज: मॉक टेस्ट में 120 से सीधे 560 अंक आने पर गहराया था शक

शनिवार को विद्युत नगर वाले फ्लैट में हुई लंबी पूछताछ के बाद आज सोमवार को कदम परिवार के सभी सदस्यों को पुणे सीबीआई दफ्तर में व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के लिए समन जारी किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की इस कड़ी कार्रवाई के बाद से घबराए कदम परिवार के सभी सदस्यों ने अपने मोबाइल फोन पूरी तरह स्विच ऑफ कर दिए हैं। इस परिवार पर शक तब गहराया जब जांच में पता चला कि नीट परीक्षा की तैयारी के दौरान पहले केवल 120 अंक हासिल करने वाली इस परिवार की बेटी को अचानक आखिरी के मॉक टेस्ट में सीधे 560 तक अंक मिलने लगे थे। गौरतलब है कि इस पूरे नीट घोटाले के मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी की गिरफ्तारी के बाद, जब सीबीआई ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की, तब उसी के कबूलनामे और बयानों के आधार पर नांदेड़ के इस कदम परिवार का नाम सामने आया है। सीबीआई आज इस कड़ी को जोड़कर नए खुलासे कर सकती है।

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