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मध्यप्रदेश

मंडला की बस्ती में इंसान नहीं अजगरों का राज, अजगर दादर में एक साथ निकलती है पायथन की फौज

मंडला: मध्य प्रदेश के मंडला जिले में एक ऐसी अनोखी जगह है, जहां हर साल सर्दियों में सैकड़ों अजगर एक साथ दिखाई देते हैं. जी हां यह विचित्र लेकिन बेहद रोचक स्थान है अजगर दादर. जो दुनिया में बेहद कम जगहों में से एक है. जहां अजगरों का इतना बड़ा प्राकृतिक जमावड़ा देखा जाता है. मंडला जिला मुख्यालय से करीब 29 किलोमीटर और कान्हा नेशनल पार्क से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है अजगर दादर.

अजगरों का सामूहिक दीदार
यह एक ऐसी जगह है जहां ठंड के दिनों में सुबह-सुबह सूरज की हल्की-सी धूप में अजगरों का सामूहिक दीदार होता है. पथरीला इलाका, गहरी दरारें, नीचे से खोखला क्षेत्र और चूहों की भरपूर मौजूदगी, यही वजह है कि यह स्थान अजगरों के लिए स्वर्ग जैसा बन गया है. वन परिक्षेत्र अधिकारी लतिका तिवारी ने बताया कि, ”अजगरों की उपस्थिति के कारण ही इस स्थान का नाम अजगर दादर पड़ा है. यह इलाका नीचे से खोखला है और आसपास डोलोमाइट की चट्टानें हैं. इन्हीं दरारों में ये अजगर रहते हैं.

”सर्दियों में जब तापमान गिरता है, तो ये बाहर आकर शरीर का तापमान नियंत्रित करते हैं. संख्या बताना मुश्किल है, लेकिन अच्छी तादाद में पाए जाते हैं. प्राकृतिक रूप से बने इस अनोखे आवास में हर साल सर्दियों के मौसम में सैकड़ों की संख्या में अजगर दिखाई देते हैं. लोग दूर-दूर से यहां सिर्फ इस नजारे को देखने के लिए आते हैं. अकसर एक स्थान पर 5 से 6 अजगर एक साथ धूप सेंकते दिख जाते हैं.”

अजगर दादर की ख्याति इतनी बढ़ चुकी है कि अब यह पर्यटन का बड़ा आकर्षण बनता जा रहा है. अजगर दादर प्राकृतिक विविधता का अनमोल खजाना है.
यहां का संतुलित पर्यावरण, जंगल की शांति और पथरीली जमीन अजगरों को सुरक्षित और अनुकूल माहौल देती है. वन विभाग लगातार क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर काम कर रहा है, ताकि पर्यटन भी बढ़े और वन्यजीवों को नुकसान भी न पहुंचे.

अजगर दादर बनेगा पर्यटन का केंद्र
अजगरों की इस अनोखी बस्ती ने मंडला को वाइल्डलाइफ मैप पर एक नई पहचान दी है. अगर संरक्षण और पर्यटन का सही तालमेल बन पाया, तो आने वाले समय में अजगर दादर देश-विदेश के पर्यटकों के लिए और भी बढ़िया स्थान बनेगा. वाकई, प्रकृति कभी-कभी हमें ऐसे चमत्कारिक दृश्य देती है, जिन पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है.

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