ब्रेकिंग
Gomti River Flooding: लखनऊ के कई इलाके जलमग्न, कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने सीएम योगी को लिखा प... Deoria Tennis Players Death: झपकी आने से तेज रफ्तार अर्टिगा ट्रक में घुसी, सुल्तानपुर में हुआ भीषण स... Virat Kohli False Claim Clarification: विराट कोहली ने प्रेमानंद महाराज से मिलने के नाम पर पैसे लेने ... मोहाली के चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी: ईमेल मिलने के बाद मचा हड़कंप, पुलिस और डॉग स्क्वायड न... मोहाली पुडा भवन में ईडी की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची पंजाब सरकार और GMADA, आज होगी सुनवाई Delhi Intercity Express Stone Pelting: लुधियाना के पास दिल्ली-अमृतसर एक्सप्रेस पर पथराव, तीन खिड़किय... Ludhiana Kidnapping Case: नाबालिग लड़की को जबरन अगवा करने के मामले में अकाली नेता जसकरण सिंह देओल पर... Ludhiana Industrial Theft: साहनेवाल की गणपति इंडस्ट्रियल एस्टेट में बड़ी चोरी, गोदाम से 1240 किलो एल... Zirakpur Mystery Death: जीरकपुर की सोसायटी में संदिग्ध हालात में मिला डीएवी छात्र का शव, सीने पर मिल... जालंधर में अस्थायी पटाखा मार्केट का रास्ता साफ: राओवाली में 5.5 एकड़ जमीन पर लगेगी मंडी, प्रशासन ने ...
देश

अखिलेश बोले- अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों की उपेक्षा कर रही सरकार, सूची बनाने में कर रही समय बर्बाद

लखनऊः समाजवादी पार्टी(सपा)अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार जोरदार निशाना साधा है। अखिलेश ने अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों की उपेक्षा किये जाने को आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सूची और योजना बनाने के नाम पर समय बर्बाद कर रही है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को आधार कार्ड से चिन्हिन कर वापस लाया जा सकता है।

अखिलेश ने ट्वीट करते हुए एक न्यूज पेपर की कटिंग भी पोस्ट की है। अखिलेश ने लिखा कि दूसरे राज्यों में फँसे उप्र के मज़दूरों व अन्य लोगों की मुश्किलें हर दिन बढ़ती जा रही हैं। सरकार अभी भी उनके प्रति उपेक्षा का भाव दिखा रही है। उप्र सरकार सूची व योजना बनाने के नाम पर व्यर्थ समय बर्बाद कर रही है, जबकि आधार कार्ड से चिन्हित कर उन्हें तत्काल वापस बुलाया जा सकता है।

इससे पहले अखिलेश ने ट्वीट कर लिखा कि सरकारी सेवकों के DA पर पाबंदी का फैसला सरकार तुरंत वापस ले।  एक तरफ़ बिना अवकाश लिए अधिकारी-कर्मचारी लोग अपनी जान पर खेलकर सामान्य दिनों से कई गुना काम कर रहे हैं, दूसरी तरफ़ सरकार उन्हें हतोत्साहित कर रही है। पेंशन पर निर्भर रहनेवाले बुजुर्गों के लिए तो ये और भी घातक निर्णय है।

Related Articles

Back to top button