नक्सली कॉरिडोर में सुरक्षा का कड़ा घेरा; मंडल डैम इलाके में फोर्स तैनात, झारखंड और छत्तीसगढ़ सीमा पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी

पलामूः मंडल डैम के इलाके में सुरक्षा को बढ़ाया जा रहा है. यहां पुलिस कैंप का निर्माण भी किया जा रहा है ताकि इलाके में सुरक्षा मजबूत रहे. नीलांबर पीतांबर उत्तर कोयल नहर परियोजना के अंतर्गत मंडल डैम के अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होना है. मंडल डैम माओवादियों के ट्रेनिंग सेंटर रहे बुढ़ा पहाड़ से बेहद ही नजदीक है.
नक्सलियों के हमले के बाद निर्माण कार्य ठप हो गया था
यह इलाका माओवादियों के छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार कॉरिडोर को आपस में जोड़ता है. पलामू के डीआईजी किशोर कौशल ने मंडल डैम के इलाके में पुलिस कैंप के निर्माण कार्य का जायजा भी लिया था और कई बिंदुओं पर निर्देश दिया था. मंडल डैम का निर्माण कार्य 70 के दशक में शुरू हुआ था. 90 के दशक में नक्सलियों के हमले के बाद निर्माण कार्य ठप हो गया था.
सीआरपीएफ और एक जैप का कैंप है मौजूद
2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंडल डैम के अधूरे कार्य को पूरा करने की आधारशिला रखी थी. मंडल डैम के कार्य को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. डैम का निर्माण कार्य पूरा हो गया है. सिर्फ गेट लगाया जाना बाकी है. निर्माण कार्य फिर से शुरू करने के लिए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जा रहा है एवं पुलिस कैंप का निर्माण किया जा रहा है. मंडल डैम के अगल-बगल एक सीआरपीएफ और एक जैप का भी कैंप मौजूद है. यह इलाका लातेहार के बरवाडीह से 24 किलोमीटर और गढ़वा के भंडरिया से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर है.
भविष्य में टूरिज्म के देखते हुए सिक्योरिटी बढ़ाई जा रही है
डीआईजी किशोर कौशल ने बताया कि मंडल डैम को लेकर इलाके में कार्य शुरू होने की उम्मीद है, इसको ध्यान में रखकर वहां पर एक पुलिस पिकेट बनाया जा रहा है. इलाके में अर्धसैनिक बल एवं जैप की भी कंपनी मौजूद है. इलाका सुदूरवर्ती है और रोड का भी निर्माण कार्य किया जाना है. यह इलाका सुरक्षित रहे और भविष्य में टूरिज्म का सेंटर भी बन सके, इसके लिए इलाके में सिक्योरिटी बढ़ाई जा रही है.






