ब्रेकिंग
Brijmohan Agrawal Action: रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का बड़ा एक्शन, सुशासन शिविर के मंच से ही रेंज... Dhamtari News: धमतरी में मतांतरित व्यक्ति के अंतिम संस्कार पर विवाद, हिंदू जागरण मंच के विरोध के बाद... Jharkhand Amrapali Mango: झारखंड के आम्रपाली आमों की मिठास अब मॉल्स में; JSLPS और 'अपना मार्ट' के बी... Koderma Crime: कोडरमा विधायक नीरा यादव के ड्राइवर की जमीन विवाद में हत्या, परिवार के 3 लोग गंभीर रूप... Ranchi News: हरमू नदी को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए रांची नगर निगम का बड़ा एक्शन, शुरू हुआ सर्वे Chandigarh News: एक्ट्रेस का आरोप- डेरा प्रमुख के ड्राइवर ने किया शोषण, न्याय के लिए निहंग नेता की श... Panchkula News: पंचकूला मेयर कार्यालय और प्रसिद्ध मंदिरों को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप Coalgate Case: नवीन जिंदल और पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख को कोर्ट का सम्मन, 17 जुलाई को पेश होने के ... नारायणगढ़ सुसाइड केस: पीड़िता की बहन का सनसनीखेज आरोप, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल Kaithal ACB Action: एनओसी और क्लेम सेटलमेंट के नाम पर घूस मांगना पड़ा भारी, महिला एजेंट धरायी
छत्तीसगढ़

Tamradhwaj Sahu on Naxalites: पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का सरकार पर बड़ा हमला, बोले- अधूरी नक्सली लिस्ट से कैसे होगा खात्मा?

दुर्ग: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर 31 मार्च 2026 की तय डेडलाइन जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. इसी बीच दुर्ग में भी मंत्री गजेंद्र यादव ने दावे को दोहराते हुए सरकार की नक्सलवाद के खिलाफ उपलब्धि गिनाई तो पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने आगे की रणनीति पर सवाल पूछकर घेरा.

हम जो कहते हैं वो करते हैं- गजेंद्र यादव

राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संकल्प रखा था वो पूरा होने वाला है. उन्होंने कहा कि हाल के अभियानों में कई बड़े नक्सली मारे गए हैं और कुख्यात कमांडर हिड़मा के मारे जाने और पापा राव जैसे नेताओं के आत्मसमर्पण से संगठन को बड़ा झटका लगा है. सरकार का मानना है कि यह प्रदेश में शांति और विकास की नई शुरुआत होगी.

चार दशकों से प्रभावित रहा बस्तर क्षेत्र

बस्तर संभाग पिछले करीब 40 सालों से नक्सल हिंसा से जूझ रहा है. इस दौरान कई बड़े हमले हुए और सुरक्षा बलों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी नुकसान उठाना पड़ा. अब जब डेडलाइन में सिर्फ कुछ दिन बाकी हैं, तो यह सवाल उठ रहा है कि क्या इतनी पुरानी समस्या का समाधान इतने कम समय में संभव है.

विपक्ष ने उठाए सवाल

पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने भी सरकार के दावे पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि अगर नक्सलवाद खत्म होता है तो यह अच्छी बात है, लेकिन सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि नक्सली विचारधारा को खत्म करने की क्या ठोस योजना है. उन्होंने कहा कि केवल सूचीबद्ध नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई काफी नहीं है, क्योंकि कई ऐसे लोग भी हैं जो सूची में शामिल नहीं हैं.

कितने नक्सली बचे हैं कितने सरेंडर हुए ये तो सरकार ही बता पाएगी लेकिन मार्च के बाद की क्या रणनीति है, लिस्ट में जिन नक्सलियों का नाम नहीं है उन्हें कैसे खत्म करेंगे इस पर चर्चा नहीं हुई है, अगर मार्च अंत तक नक्सली खत्म होते हैं तो ये प्रदेश के लिए खुशी की बात है- ताम्रध्वज साहू, पूर्व गृहमंत्री

फिलहाल पूरे प्रदेश और खासकर बस्तर क्षेत्र की नजरें इस डेडलाइन पर टिकी हुई हैं.

Related Articles

Back to top button