ब्रेकिंग
Jaipur Murder Case: जयपुर में पत्नी और 3 बेटियों का हत्यारा राहुल झा गिरफ्तार, खाटूश्यामजी और रींगस ... US-China Tension: चीन ने ईरान को दी थी अमेरिकी एयरबेस की सैटेलाइट तस्वीरें? जॉर्डन हमले में 3 US सैन... Ganga Aarti in London: लंदन में टेम्स नदी के किनारे पहली बार हुई भव्य गंगा आरती, दीपों से जगमगाया कि... BSF Rescue Operation: सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने बचाई 10 बांग्लादेशी नागरिकों की जान, 30 दिन के नव... Belagavi Murder News: कर्नाटक में 2 महीने से लापता महिला का गन्ने के खेत में मिला कंकाल, प्रेमी ने ब... Delhi Metro Arpan Kendra: पुराने कपड़ों से मिलेगा छुटकारा, दिल्ली मेट्रो के 10 स्टेशनों पर खुले अर्प... UCC in India: उत्तराखंड और गुजरात के बाद अब 21 राज्यों की बारी, अमित शाह ने सेवा संकल्प अभियान के दौ... Chhath Puja Special Trains: दुर्गापूजा, दिवाली और छठ पर चलेंगी 18 स्पेशल ट्रेनें; दिल्ली-भागलपुर के ... Raebareli Murder Case: रायबरेली में प्रधान के बेटे की पीट-पीटकर हत्या, प्रेमिका ने फोन कर बुलाया; पत... UP PCS Transfer News: काशी विश्वनाथ मंदिर CEO विश्व भूषण मिश्र का ट्रांसफर, बने UPSSSC के नए उपसचिव;...
झारखण्ड

Jharkhand News: सारंडा के बीहड़ों में सुरक्षाबलों की बड़ी घेराबंदी, सैकड़ों IED की चुनौती के बीच हाई अलर्ट

रांची: झारखंड के सारंडा में भीषण घमासान मचा हुआ है. पुलिस किसी भी कीमत पर जल्द से जल्द सारंडा को नक्सल मुक्त करने में लगी है लेकिन नक्सली एक बार फिर सारंडा में हमलवार हो गए हैं. सारंडा में पिछले एक सप्ताह की लड़ाई में पुलिस को भी नुकसान उठाना पड़ा है. हलाकि लगातार हो रहे बम धमाकों के बावजूद सारंडा में लड़ाई जबरदस्त जारी है.

50 नक्सलियों की जबरदस्त घेराबंदी, बढ़ाई गई फोर्स

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में सारंडा जंगलों के घने बीहड़ों में माओवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का लंबे समय से चला आ रहा अभियान अब अपने अंतिम और सबसे निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है. एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा सहित अन्य कमांडरों को खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों ने जंगल में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है.

जंग का अंत नजदीक

बमों से निपटने के लिए बम निरोधक दस्ते की मूवमेंट बढ़ाने के साथ साथ बीडीएस की कई अतिरिक्त टीमें भी तैनात कर दी गई हैं. पुलिस की योजना चारों ओर से घेराबंदी कर माओवादियों का पूरा सफाया करने का है. सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह ने बताया कि सारंडा की जंग का अंत किसी भी समय हो सकता है. हम इसे जीतने की दहलीज पर हैं. नक्सलियों को हर तरफ से घेरा गया है.

दो से तीन थाना क्षेत्रों मे सिमटा नक्सलवाद

सारंडा जंगल, जो अपनी दुर्गमता और घनी हरियाली के लिए जाना जाता है, अब माओवादियों के अंतिम गढ़ के रूप में उभरा है. छोटा नागरा थाना और जराइकेला थाना के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित बालिबा गांव से आगे बाबुडेरा, दलाइडेरा और चडराडेरा जैसे पहाड़ी इलाके अति दुर्गम हैं. इस इलाके को मंकी रिजर्व फॉरेस्ट भी बोला जाता है.

घने जंगलों से घिरा है सारंडा

फिलहाल नक्सलियों का पूरा कुनबा इसी इलाके में मौजूद है. इलाका काफी दुर्गम है और 8 से 10 किलोमीटर के दायरे में दर्जनों छोटे-छोटे पहाड़ फैले हुए हैं, जिन्हें घने जंगलों ने चारों ओर से घेर रखा है जबकि रास्ते बेहद जर्जर और कीचड़ भरे हैं, जो सुरक्षा बलों के लिए बड़ी बाधा बने हुए हैं. इसी इलाके में हर तरफ आईईडी बिछी हुई है.

300 से ज्यादा आईईडी

सारंडा में पिछले सफ्ताह के भीतर नक्सलियों ने एक दर्जन से ज्यादा ब्लास्ट किए हैं. जिसमे छह जवान घायल होकर अस्पताल में इलाजरत हैं. एक करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा और उसके साथी इन पहाड़ों के आसपास सैकड़ों आईईडी बिछाकर रखे हुए हैं. ये बम जंगलों की घनी झाड़ियों और पहाड़ी रास्तों पर लगाए गए हैं, जो किसी को भी मौत के घाट उतार सकते हैं. इसके अलावा माओवादी पहाड़ों की ऊंचाई से लगातार निगरानी कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा बलों को आगे बढ़ना बेहद जोखिम भरा हो गया है.

पूरे क्षेत्र की किलेबंदी

दूसरी तरफ झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रिसॉल्यूट एक्शन) की संयुक्त टीम इस अभियान में अपनी जान लगाए हुए है. जंगल में अतिरिक्त फोर्स भेजे जाने के बाद अब माओवादियों को पूरी तरह घेर लिया गया है. ड्रोन की मदद से निगरानी तेज की गई है जबकि आईईडी निष्क्रिय करने के लिए स्पेशल दस्ते लगाए गए हैं.

17 एनकाउंटर के बाद सारंडा पर विशेष फोकस शुरू

करीब 3 सालों से झारखंड पुलिस, केंद्रीय बलों के साथ सारंडा के बीहड़ों में जंग जैसे हालातों का सामना कर रही है. सारंडा की लड़ाई लंबी खींचती जा रही थी गृह मंत्री देश को नक्सल मुक्त होने की घोषणा कर चुके हैं लेकिन इस घोषणा के बाद भी सारंडा में जबरदस्त घमासान जारी है.

22 जनवरी को मारे गए थे 17 नक्सली

इस दौरान नक्सलियों की ओर से किए जा रहे विस्फोटों की वजह से जवान, ग्रामीण और हाथी जैसे जानवर भी हताहत हो रहे है. 22 जनवरी को एक साथ 17 नक्सलियों को मार गिराने के बाद अब लगा कि सारंडा की लड़ाई खत्म होने वाली है. क्योंकि 22 जनवरी 2026 को केंद्रीय बलों के साथ झारखंड पुलिस ने किरीबुरू थाना अंतर्गत इस अभियान में 209 कोबरा, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ़ और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम ने शीर्ष माओवादी अनल उर्फ पतिराम मांझी के सशस्त्र दस्ते के साथ कई दौर की मुठभेड़ हुई थी. मुठभेड़ के दौरान 17 नक्सली एक साथ मारे गए थे. जिनमें एक करोड़ का इनामी अनल भी शामिल था.

अब मात्र दो एक करोड़ के इनामी

झारखंड का कोल्हान एकमात्र ऐसा क्षेत्र है, जहां नक्सलियों का सबसे बड़ा गुट डेरा डाले हुए था. जिसमें तीन एक-एक करोड़ के इनामी नक्सली कमांडर भी थे लेकिन 22 जनवरी को एक करोड़ का इनामी अनल, 25 लाख के इनामी अनमोल सहित 17 मार गिराए गए.

शीर्ष नक्सलियों पर जारी किए गए पोस्टर

अब कोल्हान में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, असीम मंडल (दोनों पर एक करोड़ का इनाम) मोछु, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन, चंदन लोहरा, अमित हांसदा उर्फ अपटन, जयकांत, रापा मुंडा अपने दस्ता सदस्यों के साथ सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में मौजूद है. इन सभी के पोस्टर जारी किए गए हैं.

वहीं दूसरी तरफ लगभग 15000 जवान सारंडा की घेराबंदी करके बैठे हैं. इस घेरेबंदी को तोड़ना नक्सलियों के लिए बेहद मुश्किल है. यही वजह है कि नक्सली लगातार विस्फोट कर रहे हैं.

Related Articles

Back to top button