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छत्तीसगढ़

Chirmiri News: चिरमिरी नगर निगम की बड़ी लापरवाही; बिना रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस के कबाड़ में तब्दील हुआ नया शव वाहन

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर : चिरमिरी नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा है. शहर में मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए लाखों रुपए की लागत से खरीदा गया शव वाहन रखरखाव की वजह से कबाड़ में तब्दील हो चुका है. इतना ही नहीं, सफाई व्यवस्था के लिए खरीदी गई कई मशीनें, ट्रैक्टर, कचरा वाहन, हाथ ठेले और उपकरण भी वर्षों से बेकार पड़े हैं.

कई वाहन बन चुके हैं कबाड़

चिरमिरी निगम ने चार साल पहले शहरवासियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नया शव वाहन खरीदा था. निगम का दावा था कि इससे अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को सम्मानजनक सुविधा मिलेगी. शहर को स्वच्छ बनाने के लिए कचरा उठाने वाली गाड़ियां, ट्रैक्टर, डस्टबिन, हाथ ठेले और कचरा नष्ट करने वाली मशीनें भी खरीदी गई थीं. इन संसाधनों पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन हैरानी की बात ये है कि खरीदारी के बाद से ही अधिकांश संसाधन उपयोग में नहीं लाए गए.

शव वाहन का नहीं हुआ रजिस्ट्रेशन

मामले की सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि चार वर्षों तक शव वाहन का न तो रजिस्ट्रेशन कराया गया और न ही उसका इंश्योरेंस हुआ. यानी जिस वाहन को जनता की सेवा में लगाया जाना था, वह कागजों की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण कभी सड़क पर उतर ही नहीं पाया.निगम की कार्यप्रणाली को लेकर जनता में गुस्सा है.लोगों का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था लगातार बदहाल बनी रही, जगह-जगह गंदगी और कचरे की समस्या बनी रही, लेकिन दूसरी ओर सफाई के लिए खरीदी गई मशीनें और वाहन वर्षों तक एक ही जगह खड़े हैं.

अफसरों का कहना करवाएंगे जांच

जब इस संबंध में नगर निगम आयुक्त राम प्रसाद अचले से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि वाहन का परीक्षण कराया जाएगा.परीक्षण के बाद ही यह तय किया जाएगा कि शव वाहन परिवहन के लिए उपयुक्त है या नहीं. वहीं नगर निगम के सभापति संतोष सिंह ने इस पूरे मामले के लिए पिछली सरकार और पूर्व प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया.

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