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Palamu News: करोड़ों की ‘आई ऑन व्हील्स’ गाड़ियां धूल फांक रहीं, पलामू में सरकारी धन की बर्बादी

पलामू: सरकारी पैसे की बर्बादी कैसे होती है, इसका उदाहरण पलामू जिले में साफ देखने को मिल रहा है। करोड़ों में खरीदी गई ‘आई ऑन व्हील्स’ गाड़ियां धूल फांक रही हैं। प्रशासन के पास इन गाड़ियों द्वारा कितने लोगों को लाभ पहुंचाया गया, इसका डाटा भी नहीं है। दरअसल, 2024 में दो ‘आई टेस्टिंग लैब ऑन व्हील्स’ वाहन खरीदे गए थे। इसे ‘आई ऑन व्हील्स’ के साथ-साथ ‘नेत्र चिकित्सा आपके द्वार’ नाम दिया गया था, जिसमें आंखों के इलाज से संबंधित कई आधुनिक उपकरण लगाए गए थे।

🏥 डीएमएफटी फंड से हुई थी खरीदारी: ग्रामीण इलाकों के लिए जगी थी उम्मीद

दोनों गाड़ियों को डीएमएफटी के फंड से खरीदा गया था। फरवरी 2024 में दोनों गाड़ियों को ग्रामीण इलाकों के लिए रवाना किया गया था, जिसके बाद से इन गाड़ियों के माध्यम से कितने ग्रामीणों की आंखों की समस्या का समाधान किया गया है, इसका सटीक डाटा किसी के पास मौजूद नहीं है। फिलहाल दोनों गाड़ियां पलामू सिविल सर्जन के आवासीय परिसर में खड़ी हैं। अंतिम बार सितंबर 2025 में कैंप में इन वाहनों ने भाग लिया था, उसके बाद से स्वास्थ्य विभाग के पास कोई अपडेट नहीं है।

👓 नक्सली क्षेत्रों में इलाज का था लक्ष्य: चश्मा वितरण के बाद थमे पहिए

पलामू के नक्सली और ग्रामीण इलाकों में जो लोग अस्पताल नहीं पहुंच सकते, उन तक इस वाहन को पहुंचना था। शुरुआती दौर में आई ऑन व्हील्स के पास 5,000 चश्मे मौजूद थे, जिनका वितरण हो चुका है। योजना के अनुसार दोनों गाड़ियों में एक्सपर्ट डॉक्टरों की तैनाती की जानी थी और ऑन-स्पॉट ग्रामीणों की समस्याओं को दूर करना था, जो फिलहाल बंद पड़ा है। हालांकि, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि वैन चालू हालत में है और जरूरत के अनुसार कैंप लगाए जाते हैं।

🛣️ पलामू की 12 प्रतिशत आबादी आंखों की समस्या से ग्रसित: लंबा सफर तय करने की मजबूरी

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड की 10 से 12 प्रतिशत आबादी आंखों की समस्या से जूझ रही है। पलामू के सिर्फ मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में ही सरकारी स्तर पर इलाज उपलब्ध है। यहां इलाज के लिए हरिहरगंज के लोगों को 70 किमी और हुसैनाबाद के लोगों को 90 किलोमीटर से अधिक का सफर तय करना पड़ता है। ‘आई ऑन व्हील्स’ से उम्मीद जगी थी कि ग्रामीणों को यह लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा, लेकिन गाड़ियां खड़ी होने से निराशा हाथ लगी है।

⚖️ झामुमो ने लिया संज्ञान: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से होगी शिकायत

इस मामले को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला अध्यक्ष राजेंद्र कुमार सिन्हा उर्फ गुडु सिन्हा ने कहा, “पूरा मामला संज्ञान में आया है। आई एम्बुलेंस गरीबों के इलाज के लिए करोड़ों में खरीदी गई थी, लेकिन यह खड़ी है। इस पूरे मामले से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अवगत कराया जाएगा और सरकारी पैसे की बर्बादी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।”

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