ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ... नोएडा में 'स्पेशल 26' स्टाइल में 29 लाख की भीषण लूट, फर्जी GST अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर 5 शातिर गि... बिहार में शराबबंदी लागू होने के एक दशक बाद फिर छिड़ी बहस, NCAER रिपोर्ट के बाद जीतन राम मांझी का बड़... जालोर में गोमाता के प्रति अनूठी आस्था, 'राधा' गाय पहनती है 10 किलो चांदी के गहने, बन रहा 1 करोड़ का ... ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव, अखिलेश यादव ने सरकार पर कसा तंज बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर का 10 हजार नौकरियों का बड़ा ऐलान, बिहार के सियासी गलियारों में मचा हड़...
मध्यप्रदेश

Dewas Factory Blast: देवास पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, 5 मजदूरों की मौत, 20 से ज्यादा घायल

मध्यप्रदेश के देवास के टोंककलां गांव में गुरुवार सुबह एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका हो गया। इस हादसे में अब तक पांच मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री की दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और शवों के अवशेष 25 फीट दूर तक जा गिरे। कई घंटों तक पटाखों के फूटने की आवाजों से इलाका गूंजता रहा, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।

🏥 मृतकों में बिहार-यूपी के मजदूर शामिल: अस्पताल में घायलों का संघर्ष जारी

इस हादसे में तीन मजदूरों—धीरज, सन्नी और सुमित—की मौत मौके पर ही हो गई थी। अमलतास अस्पताल में भर्ती दो अन्य मजदूरों, अमर और गुड्डू ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया; ये दोनों करीब 99% तक झुलस चुके थे। मृतकों में चार मजदूर बिहार और एक उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया जा रहा है। प्रशासन अब घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में जुटा है।

👮 फैक्ट्री संचालक और मैनेजर गिरफ्तार: प्रशासन ने सील किया परिसर

धमाके के समय फैक्ट्री के भीतर 20 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय को गिरफ्तार कर लिया है और बिहार निवासी मैनेजर एजाज खान को भी हिरासत में लिया गया है। टोंकखुर्द थाना पुलिस ने इस मामले में कुल चार आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है।

📦 अवैध भंडारण का खुलासा: अनुमति से कई गुना ज्यादा बारूद बरामद

शुरुआती जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। फैक्ट्री में अनुमति से कई गुना ज्यादा बारूद और पटाखों का स्टॉक किया गया था। लाइसेंस के अनुसार केवल 15-15 किलो बारूद रखने की अनुमति थी, लेकिन मौके से टनों में विस्फोटक सामग्री मिली है। इसके अलावा, फैक्ट्री में बिहार से लाए गए नाबालिग मजदूरों से भी काम कराए जाने की बात सामने आई है, जिन्हें महज 400 रुपये की दिहाड़ी दी जाती थी।

⚠️ प्रशासन की लापरवाही पर सवाल: बिना रिन्यूअल के चल रही थी मौत की फैक्ट्री

फैक्ट्री का लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और उसका रिन्यूअल 6 मई को कराया गया। सवाल उठ रहे हैं कि क्या फैक्ट्री एक महीने तक अवैध रूप से संचालित होती रही? स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी साल मार्च में भी यहां ब्लास्ट हुआ था, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस बार की लापरवाही ने पांच परिवारों के चिराग बुझा दिए हैं, जिसकी अब उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।

Related Articles

Back to top button