ब्रेकिंग
OTT Censorship: 'सतलुज' विवाद के बाद सख्त हुई सरकार, OTT फिल्मों के लिए CBFC सर्टिफिकेट होगा अनिवार्... ISRO Brain Drain: इसरो में मची खलबली, 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने दिया इस्तीफा, सरकार ने सख्त किए न... Datia By-Election: दतिया में गरजे नरोत्तम मिश्रा, प्रशासन को दी चेतावनी, बोले- 'किसी में हिम्मत नहीं... Datia By-Election: 'नरोत्तम मिश्रा बड़ी चुनौती थे, आशुतोष तिवारी कुछ नहीं', कांग्रेस प्रत्याशी घनश्य... Haldiram in London: लंदन के लीसेस्टर स्क्वायर में खुला हल्दीराम का पहला स्टोर, छोले-भटूरे खाने उमड़ी... Telangana ACB Raid: HMDA के चीफ इंजीनियर के घर छापा, 100 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा Telangana ACB Raid: HMDA के चीफ इंजीनियर बी. रविंदर गिरफ्तार, 9.24 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति जब्त Delhi Education Hub: दिल्ली को शिक्षा का बड़ा हब बनाने की तैयारी, CM रेखा गुप्ता ने DU के छात्रों को... Datia By-Election: जीतू पटवारी का बड़ा दावा- 'दतिया उपचुनाव 25 हजार वोटों से जीतेगी कांग्रेस' Shirdi Sai Baba Prasad: शिरडी में 700 किलो मिलावटी पेड़ा जब्त, FDA ने मारा छापा
टेक्नोलॉजी

YouTube Update 2026: यूट्यूब कंटेंट आईडी की तरह चेहरों को स्कैन करेगा नया एआई टूल, जानें यह कैसे काम करता है

यूट्यूब (YouTube) पर यूजर्स की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव हो रहा है। हाल ही में सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा किया गया है कि गूगल (Google) के स्वामित्व वाली वीडियो स्ट्रीमिंग कंपनी ने एक बेहद पावरफुल एआई डीपफेक डिटेक्शन टूल (AI Deepfake Detection Tool) पेश किया है। इस टूल की सबसे खास बात यह है कि इसका इस्तेमाल 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी सामान्य यूजर्स पूरी आजादी के साथ कर पाएंगे। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि अब न केवल हॉलीवुड-बॉलीवुड की मशहूर हस्तियां, राजनेता और बड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, बल्कि दुनिया का हर आम यूजर अपने चेहरे का इस्तेमाल कर बनाए गए किसी भी एआई जेनरेटेड क्लोन या नकली वीडियो को प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने के लिए ऑफिशियल रिक्वेस्ट सबमिट कर पाएगा।

🛡️ डिजिटल बॉडीगार्ड की तरह काम करेगा यह नया सिस्टम: कंटेंट आईडी की तर्ज पर इंसानी चेहरों को स्कैन करेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

आखिर क्या है और यह एडवांस एआई डीपफेक डिटेक्शन टूल कैसे काम करता है? इसे आसान शब्दों में समझें तो यूट्यूब का यह टूल आपके चेहरे के लिए एक अभेद्य डिजिटल बॉडीगार्ड की तरह काम करता है। यह तकनीक यूट्यूब के पहले से मौजूद और मशहूर ‘कंटेंट आईडी’ (Content ID) सिस्टम जैसी ही है, जो प्लेटफॉर्म पर अपलोड होते ही कॉपीराइट वाले म्यूजिक, गानों और मूवी क्लिप को अपने-आप ट्रैक कर फ्लैग कर देता है। लेकिन, ऑडियो या धुन को स्कैन करने के बजाय यूट्यूब का यह नया टूल पूरी तरह से इंसानी चेहरों की बनावट (Facial Recognition) को स्कैन करता है। ‘द वर्ज’ की एक तकनीकी रिपोर्ट में बताया गया है कि इस अत्याधुनिक सुरक्षा चक्र को सेटअप करने के लिए यूजर्स को शुरुआत में अपने चेहरे का एक छोटा सा, सुरक्षित ‘सेल्फी-स्टाइल वीडियो’ रिकॉर्ड करके देना होगा। इसके बाद, यह एआई टूल लगातार पूरे वैश्विक प्लेटफॉर्म पर बारीक नजर रखता है और भविष्य में नए अपलोड किए जाने वाले हर एक वीडियो को स्कैन करके देखता है कि कहीं कोई दुर्भावना से आपके चेहरे का नकली, अश्लील या बदला हुआ सिंथेटिक वर्जन तो इस्तेमाल नहीं कर रहा है।

📱 अलर्ट मिलते ही यूजर ले सकेंगे एक्शन: सेलिब्रिटीज के बाद अब आम लोग साइबर अपराधियों के जाल से सुरक्षित

अगर इस एडवांस सिस्टम को स्कैनिंग के दौरान प्लेटफॉर्म पर किसी भी वीडियो में आपका चेहरा मैच करता हुआ मिलता है, तो वह बिना एक सेकंड गंवाए तुरंत संबंधित मूल यूजर को एक सिक्योरिटी अलर्ट भेजता है। इसके बाद, यूजर उस फ्लैग किए गए वीडियो को स्वयं देख सकते हैं और अगर उन्हें लगता है कि उनके चेहरे का गलत इस्तेमाल हुआ है, तो वे यूट्यूब से उस कंटेंट को तुरंत डिलीट करने की ऑफिशियल रिक्वेस्ट कर सकते हैं। देखा गया है कि ज्यादातर मशहूर डीपफेक वीडियो में अब तक केवल बड़े राजनेताओं, अभिनेताओं और पॉप स्टार्स को ही निशाना बनाया जाता था। लेकिन, एआई से नकली वीडियो बनाने की टेक्नोलॉजी अब इतनी आसानी और मुफ्त में इंटरनेट पर उपलब्ध हो गई है कि आम सीधे-साधे लोग भी ब्लैकमेलिंग, साइबर अपराधियों और ऑनलाइन स्कैमर्स का तेजी से शिकार बन रहे हैं। ऐसे में यह टूल आम जनता के लिए वरदान साबित होगा।

📢 ‘सब्सक्राइबर्स की संख्या मायने नहीं रखती’: यूट्यूब प्रवक्ता जैक मैलोन ने बताया इसे हर क्रिएटर का बुनियादी अधिकार

यूट्यूब के आधिकारिक प्रवक्ता जैक मैलोन ने ‘द वर्ज’ को दिए अपने इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा कि चाहे कोई क्रिएटर पिछले एक दशक से लगातार यूट्यूब पर वीडियो अपलोड कर रहा हो या फिर किसी नए यूजर ने अभी-अभी अपना चैनल बनाकर शुरुआत की हो, प्लेटफॉर्म पर हर किसी को सुरक्षा का एक समान और

Related Articles

Back to top button