Bahadurgarh PM Shri School: प्राइवेट स्कूलों पर भारी पड़ा बहादुरगढ़ का सरकारी स्कूल; 12वीं में 50 बच्चों ने हासिल की मेरिट

बहादुरगढ़: आम तौर पर लोगों की धारणा होती है कि निजी (प्राइवेट) स्कूलों में ही बेहतर शिक्षा मिलती है, लेकिन कोई-कोई सरकारी स्कूल आज भी प्राइवेट स्कूलों से कहीं ज्यादा बेहतर परिणाम देकर इस धारणा को गलत साबित कर देता है। हम बात कर रहे हैं बहादुरगढ़ के परनाला गांव में स्थित ‘पीएम श्री राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल’ की। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणामों में इस अकेले स्कूल के 50 छात्र-छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेरिट सूची में अपनी जगह बनाई है। इस गौरवशाली सफलता के बाद पूरे परनाला गांव और स्कूल स्टाफ में जश्न का माहौल है।
👨🏫 इसी स्कूल में संस्कृत पढ़ाते हैं पिता, जुड़वां भाई-बहन ने विज्ञान संकाय में किया कमाल: कार्तिक ने 95.4% अंक पाकर किया टॉप
इस ऐतिहासिक परीक्षा परिणाम की सबसे खास और अनोखी बात यह है कि इस स्कूल में भाई-बहन की एक जुड़वां (Twin) जोड़ी भी पढ़ाई कर रही है। उनके पिता शिवचरण इसी पीएम श्री स्कूल में संस्कृत विषय के वरिष्ठ अध्यापक (मास्टर) के पद पर तैनात हैं। वे हर सुबह अपने बच्चों को अपने साथ लेकर स्कूल आते हैं, क्योंकि परनाला के इस सरकारी स्कूल में विज्ञान संकाय (Science Stream) की पढ़ाई और प्रयोगशालाएं किसी भी नामचीन प्राइवेट स्कूल से कहीं ज्यादा आधुनिक और बेहतर हैं।
हरियाणा बोर्ड की 12वीं कक्षा के नतीजों में मास्टर शिवचरण के बेटे कार्तिक ने 95.4 प्रतिशत अंक हासिल करते हुए पूरे स्कूल में पहला स्थान (टॉपर) हासिल किया है, जबकि उसकी जुड़वां बहन कीर्ति ने विज्ञान संकाय में ही 92 प्रतिशत अंकों के साथ स्कूल में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। भविष्य के लक्ष्यों को लेकर कीर्ति जहां डॉक्टर बनना चाहती है, वहीं कार्तिक देश की सेवा के लिए इंजीनियर बनने की राह पर अग्रसर है।
🎯 सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए कार्तिक ने दो बार पास की NDA परीक्षा: JEE Main में 99.7% अंक लाकर देश भर में चमकाया नाम
मेधावी छात्र कार्तिक की प्रतिभा सिर्फ बोर्ड परीक्षाओं तक ही सीमित नहीं है। इस सरकारी स्कूल में नियमित पढ़ाई करते-करते कार्तिक ने दो बार देश की सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की लिखित परीक्षा पास कर ली है। यही नहीं, उसने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन (JEE Main) में 99.7 percentile अंक हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर टॉप किया है।
दोनों जुड़वां भाई-बहन का दृढ़ता से मानना है कि उन्होंने दसवीं कक्षा तक एक नामी प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई की थी, लेकिन आगे की उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने अपनी मर्जी से इस सरकारी स्कूल में दाखिला लिया था। यहाँ का शैक्षणिक माहौल, प्रैक्टिकल क्लासेस और शिक्षकों का मार्गदर्शन किसी भी प्राइवेट संस्थान से कई गुना बेहतर और गुणवत्तापूर्ण है।
🏆 भारी-भरकम फीस के झंझट से मुक्ति और विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध: सरपंच एसोसिएशन के प्रधान अशोक परनाला ने किया सम्मान
बच्चों की इस ऐतिहासिक सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए मास्टर शिवचरण ने कहा कि, “सरकारी स्कूल का हर अध्यापक छात्रों को अपना बच्चा समझकर पूरी लगन और ईमानदारी के साथ पढ़ाता है। हमारे यहाँ सभी विषयों के विशेषज्ञ शिक्षक (Subject Experts) नियुक्त हैं और यहाँ प्राइवेट स्कूलों की तरह भारी-भरकम फीस और डोनेशन का कोई झंझट भी नहीं है।”
इस अभूतपूर्व सफलता को देखते हुए सरपंच एसोसिएशन के प्रधान अशोक परनाला ने स्कूल पहुंचकर सभी प्रतिभाशाली छात्रों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने समाज को संदेश देते हुए कहा कि मास्टर शिवचरण ने अपने बच्चों को खुद के सरकारी स्कूल में पढ़ाकर और देश की बड़ी परीक्षाओं में कामयाब कराकर दूसरों के लिए एक बेहतरीन मिसाल पेश की है।
🌱 शिक्षा के साथ मिलते हैं बेहतरीन संस्कार: स्कूल में भव्य समारोह आयोजित कर 10वीं और 12वीं के टॉपरों को मिला मेडल
प्रधान अशोक परनाला ने आगे कहा कि आज के समाज के हर तबके को, चाहे वह अमीर हो या गरीब, मास्टर शिवचरण से बड़ी प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में करवाना चाहिए। इसका कारण यह है कि सरकारी स्कूलों में आज के समय में उच्च स्तरीय आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को सामाजिक संस्कार भी दिए जाते हैं, जो उनके समग्र चरित्र निर्माण के लिए जरूरी हैं। इस बड़ी उपलब्धि की खुशी में स्कूल परिसर के भीतर एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में 12वीं कक्षा के मेधावियों के साथ-साथ 10वीं कक्षा में भी स्कूल स्तर पर टॉप करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई।






