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Alwar Car Suffocation Death: अलवर में दिल दहला देने वाला हादसा; कार में बंद होने से दो मासूम सगी बहनों की दम घुटने से मौत

अलवर: राजस्थान के अलवर शहर के वैशाली नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खुदनपूरी इलाके में बुधवार को एक ऐसा दिल दहला देने वाला और रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है, जिसे सुनकर हर किसी की रूह कांप गई। यहाँ घर के बाहर खेलते-खेलते एक खड़ी कार के भीतर बंद हो जाने के कारण दो मासूम सगी बहनों की ऑक्सीजन की कमी और भीषण गर्मी में दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद से पूरे खुदनपूरी इलाके में गहरा मातम छा गया है और पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, मृत बालिकाओं के बेबस पिता रमेश ने बताया कि उनका परिवार मूल रूप से बेड़म क्षेत्र का रहने वाला है और वर्तमान में आजीविका के लिए खुदनपूरी में एक किराए के मकान में रह रहा था। इस गरीब परिवार में ये दोनों मासूम बेटियां ही पिता के जीने का एकमात्र सहारा थीं।

🚗 कार सर्विस सेंटर पर खड़ी गाड़ी में खेल-खेल में बैठीं बच्चियां: अचानक ऑटोमैटिक लॉक हुए गेट, तड़पकर केबिन में तोड़ा दम

घटनाक्रम की विस्तृत और दर्दनाक जानकारी के मुताबिक, दोनों छोटी बच्चियां रोज की तरह बुधवार को भी घर के पास गलियों में खेल रही थीं। खेलते-खेलते दोनों बच्चियां पास ही स्थित एक कार सर्विस सेंटर के परिसर में पहुंच गईं, जहां सर्विसिंग के लिए एक कार खड़ी हुई थी। खेल-खेल में दोनों मासूम कार का दरवाजा खोलकर अंदर सीट पर बैठ गईं, लेकिन जैसे ही उन्होंने दरवाजा बंद किया, अचानक कार के गेट ऑटोमैटिक सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम के कारण पूरी तरह लॉक हो गए। बच्चियां छोटी होने के कारण अंदर से लॉक खोलने की तकनीक नहीं जानती थीं, जिसके कारण वे बाहर नहीं निकल सकीं। काफी देर तक जब दोनों बच्चियां घर के आसपास नजर नहीं आईं, तो परिजनों और पड़ोसियों को चिंता हुई और उन्होंने चारों तरफ उनकी तलाश शुरू की। इसी खोजबीन के दौरान सर्विस सेंटर पर खड़ी कार के शीशों के अंदर दोनों बच्चियां बेसुध और अचेत हालत में मिलीं।

🏥 जब तक कार का शीशा तोड़कर बाहर निकाला तब तक हो चुकी थी बहुत देर: वैशाली नगर थाना पुलिस ने शवों को मोर्चरी में रखवाया

कार के भीतर बच्चियों को देखते ही चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तुरंत कार के दरवाजे को खोलने का प्रयास किया और असफल होने पर खिड़की का शीशा तोड़कर दोनों को आनन-फानन में बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कार के भीतर भीषण गर्मी और हवा न होने के कारण दम घुटने से दोनों मासूमों की सांसे थम चुकी थीं। इस खौफनाक हादसे की सूचना मिलते ही वैशाली नगर थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों बालिकाओं के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया के लिए जिला सरकारी अस्पताल की मोर्चरी (शवगृह) में शिफ्ट करवा दिया है। थाना पुलिस ने कार और सर्विस सेंटर के आसपास के क्षेत्र को सील कर पूरे मामले की गहन तकनीकी और कानूनी जांच शुरू कर दी है।

💔 4 साल पहले उठ चुका था मां का साया, अब बेटियों ने भी छोड़ा साथ: उजड़ गई पिता रमेश की दुनिया, इलाके के लोगों की आंखें नम

इस भयंकर हादसे का सबसे दर्दनाक और विचलित करने वाला पहलू यह है कि इन दोनों मासूम बच्चियों की मां का आज से करीब चार साल पहले ही एक बीमारी के कारण निधन हो चुका था। मां की असामयिक मृत्यु के बाद से ही पिता रमेश अपनी इन दोनों छोटी बेटियों के पालन-पोषण में दिन-रात एक किए हुए थे और उन्हीं के मासूम चेहरों को देखकर अपनी जिंदगी काट रहे थे। लेकिन कुदरत के इस क्रूर क्रैश ने रमेश के हंसते-खेलते परिवार की बची-खुची खुशियां भी हमेशा-हमेशा के लिए छीन लीं। घटना के बाद खुदनपूरी और पीड़ित के मूल गांव में हर किसी की आंखें नम दिखाई दीं। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने भी इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए छोटे बच्चों के माता-पिता से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अत्यधिक सावधानी बरतें और लावारिस या खड़ी गाड़ियों के आसपास उन्हें कतई न खेलने दें।

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