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छत्तीसगढ़

Dantewada to Kawardha: दंतेवाड़ा और कवर्धा में भी हाईटेक फॉरेंसिक वैन शुरू; मोबाइल चोरी और साइबर क्राइम पर लगेगी लगाम

धमतरी/दंतेवाड़ा/कवर्धा: छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों पर वैज्ञानिक तरीके से नकेल कसने के लिए पुलिस के साथ अब फॉरेंसिक टीम भी पूरी तरह हाईटेक हो रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के अलग-अलग संवेदनशील और दूरस्थ जिलों को अत्याधुनिक ‘मोबाइल फॉरेंसिक वैन’ की बड़ी सौगात मिली है। इस आधुनिक तकनीकी पहल से अब किसी भी गंभीर वारदात या दुर्घटना के घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच और साक्ष्यों का संकलन बेहद तेज गति से हो सकेगा, जिससे जांच की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आएगा।

🚚 धमतरी में एसपी सूरज सिंह परिहार और महापौर ने दिखाई हरी झंडी: पुलिस लाइन रूद्री से हुआ हाईटेक FSL वैन का शुभारंभ

अब गंभीर और पेचीदा अपराधों की जांच अधिक आधुनिक, तेज और पूर्णतः वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी। धमतरी जिला पुलिस को अत्याधुनिक हाईटेक एफएसएल (Forerunner Science Laboratory – फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) मोबाइल यूनिट वैन की सौगात मिली है। शनिवार को पुलिस लाइन रूद्री, धमतरी में एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान इसका विधिवत शुभारंभ किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित धमतरी महापौर जगदीश रामू रोहरा, पूर्व विधायक इंदरचंद चोपड़ा और पुलिस अधीक्षक (SP) सूरज सिंह परिहार ने संयुक्त रूप से वैन को हरी झंडी दिखाकर फील्ड के लिए रवाना किया।

🤝 पुलिस की तकनीकी चुनौतियां होंगी कम: एसपी परिहार बोले—बदलते अपराध के दौर में स्मार्ट पुलिसिंग बेहद जरूरी

उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर जगदीश रामू रोहरा ने कहा कि धमतरी पुलिस के कार्यों से आम जनता का भरोसा खाकी पर लगातार मजबूत हुआ है। अब इस एफएसएल मोबाइल यूनिट वैन जैसी आधुनिक सुविधा मिलने से आपराधिक मामलों की जांच और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं प्रभावी साबित होगी। वहीं, पूर्व विधायक इंदरचंद चोपड़ा ने हाल के दिनों में धमतरी पुलिस द्वारा कई जटिल और अंधे कत्ल व चोरी के चुनौतीपूर्ण मामलों के सफल और त्वरित निराकरण की खुलकर सराहना की।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने तकनीकी पक्ष रखते हुए कहा कि वर्तमान समय में अपराधों की बदलती हाईटेक प्रकृति और साइबर फ्रॉड को देखते हुए ट्रेडिशनल पुलिसिंग को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना अनिवार्य हो गया है। इस नई एफएसएल मोबाइल यूनिट वैन के आ जाने से अब कई प्रकार के जटिल वैज्ञानिक परीक्षण मौके पर ही संपन्न कर लिए जाएंगे, जिससे जिला मुख्यालय लैब पर निर्भरता कम होगी।

🔬 जानिए इस हाईटेक फॉरेंसिक वैन की मुख्य खासियतें: फिंगरप्रिंट से लेकर डिजिटल डाटा रिकवरी तक सब कुछ होगा मौके पर

यह अत्याधुनिक वैन किसी भी घटना की सूचना मिलते ही घटना स्थल पर तत्काल पहुंचकर फिंगरप्रिंट परीक्षण, जैविक व भौतिक साक्ष्यों को बिना नष्ट किए उनका वैज्ञानिक संरक्षण कर सकेगी। न्यायालय में अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए इसके भीतर हाई-डेफिनिशन फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और अन्य फॉरेंसिक जांच टूल्स लगाए गए हैं।

आज के दौर में साइबर अपराध, मोबाइल चोरी, ऑनलाइन बैंक धोखाधड़ी, डिजिटल धमकी और ब्लैकमेलिंग जैसे मामलों में डिजिटल साक्ष्य सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस टीम के पहुंचने में देरी होने पर कई बार अपराधी साक्ष्य नष्ट कर देते हैं, लेकिन अब यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन मौके पर ही आवश्यक डाटा बैकअप लेने और तकनीकी जांच शुरू करने में सक्षम है। इस हाईटेक वैन में आधुनिक कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर लगाए गए हैं, जिनकी सहायता से मोबाइल ट्रैकिंग, डिलीटेड डिजिटल डाटा रिकवरी, कॉल डिटेल विश्लेषण (CDR Analysis), रीयल-टाइम लोकेशन ट्रेसिंग और अन्य तकनीकी जांच बेहद कम समय में की जा सकेगी।

🏹 दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा में भी शुरू हुई फॉरेंसिक मोबाइल सेवा: विधायक चैतराम अटामी ने जनता को सौंपी नई सुविधा

दूरी और संवेदनशीलता के लिहाज से दक्षिण बस्तर के दन्तेवाड़ा जिले को भी इस आधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन की सुविधा से लैस कर दिया गया है। दन्तेवाड़ा के स्थानीय विधायक चैतराम अटामी एवं नगरपालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता ने सामूहिक रूप से नारियल फोड़कर इसकी शुरुआत की। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि यह वैन अंदरूनी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और शहरी इलाकों में होने वाले अपराधों व अप्रिय घटनाओं में त्वरित साक्ष्य संकलन (Evidence Collection) के लिए मील का पत्थर साबित होगी। जिले के जागरूक नागरिकों ने भी पुलिस की इस नई और आधुनिक पहल का स्वागत किया है।

📱 मोबाइल चोरी की वारदातों पर मुस्तैदी से लगेगी लगाम: गीदम, बचेली और किरंदुल के भीड़भाड़ वाले इलाकों में रहेगी नजर

दन्तेवाड़ा शहर सहित औद्योगिक क्षेत्र गीदम, बचेली, किरंदुल और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में मोबाइल चोरी की घटनाएं लगातार पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई थीं। साप्ताहिक बाजार, स्थानीय अस्पताल, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों में पॉकेटमारी और मोबाइल चोरी आम समस्या बन चुकी थी। कई गंभीर मामलों में चोरी के इन मोबाइलों का उपयोग अपराधी अन्य राष्ट्रविरोधी या आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भी करते थे। अब इस सर्विलांस और फॉरेंसिक वैन के माध्यम से चोरी हुए मोबाइलों की सटीक ट्रैकिंग कर मुख्य अपराधियों और रिसीवरों तक पहुंचना बेहद आसान और त्वरित हो जाएगा।

🧬 कवर्धा में भी हरी झंडी के साथ रवाना हुई FSL वैन: जांच में समय की होगी बचत, साक्ष्यों की गुणवत्ता रहेगी बरकरार

इसी तरह, कबीरधाम (कवर्धा) जिले के विज्ञान प्रयोगशाला परिसर, जनपद कॉम्पलेक्स में भी मोबाइल फॉरेंसिक वैन का भव्य शुभारंभ किया गया। कवर्धा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस वैन के बेड़े में शामिल होने से अब दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में हुए अपराधों के घटनास्थल पर ही कई आवश्यक और प्राथमिक वैज्ञानिक परीक्षण किए जा सकेंगे। इससे न केवल महत्वपूर्ण मामलों की जांच में लगने वाले समय की भारी बचत होगी, बल्कि साक्ष्यों की केमिकल और फिजिकल गुणवत्ता भी बेहतर और कोर्ट में मान्य बनी रहेगी। इससे जिले की पूरी पुलिसिंग व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ेगा।

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