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Khairagarh News: खैरागढ़ पुलिस का ‘ऑपरेशन मुस्कान’ सफल; 12 नाबालिग बच्चों समेत 43 गुमशुदा लोगों को खोजा

खैरागढ़: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में पुलिस प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे विशेष “ऑपरेशन मुस्कान” और “ऑपरेशन तलाश” अभियान का बड़ा और सकारात्मक असर धरातल पर दिखाई पड़ने लगा है। 1 अप्रैल से शुरू हुए इस विशेष और संवेदनशील अभियान में खैरागढ़ पुलिस ने गुम हुए बच्चों, महिलाओं और पुरुषों की त्वरित तलाश के लिए लगातार सुनियोजित कार्रवाई करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिला पुलिस की चौबीसों घंटे की कड़ी मेहनत से अब तक दर्जनों लोग सुरक्षित अपने घर लौट चुके हैं, जिससे कई परेशान परिवारों के चेहरे पर महीनों और सालों बाद दोबारा सच्ची मुस्कान दिखाई दी है।

🕵️ लगातार बढ़ती गुमशुदगी को रोकने के लिए विशेष टीमों का गठन: तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन से मिली बड़ी सफलता

जिले में लगातार सामने आ रहे गुमशुदगी (Missing Cases) के मामलों को बेहद गंभीरता से लेते हुए खैरागढ़ पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अलग-अलग विशेष खोजी टीमों का गठन किया। इन पुलिस टीमों को साक्ष्य जुटाने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के बड़े शहरों तक भेजा गया। पुलिस ने इन मामलों को सुलझाने के लिए आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल टावर लोकेशन, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की गतिविधियों और स्थानीय मुखबिर तंत्र (Informer Network) की सक्रिय मदद से लगातार सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस की इस चौतरफा वैज्ञानिक रणनीति के कारण ही इस अभियान के दौरान एक के बाद एक बड़ी सफलताएं हाथ लगती गईं।

👶 अप्रैल में 12 नाबालिग बच्चों समेत 22 महिलाओं और 9 पुरुषों को खोजा: परिजनों से मिलाकर पूरे किए टूटे हुए परिवार

पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, “ऑपरेशन मुस्कान” (Operation Muskaan) के तहत विशेष रूप से समाज के कमजोर और गुम हुए नाबालिग बालक-बालिकाओं को खोजने पर पूरा ध्यान केंद्रित किया गया। इस अभियान में अकेले अप्रैल माह के भीतर ही पुलिस ने कड़े प्रयासों से 12 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बरामद कर उनके माता-पिता को सौंपा। वहीं, दूसरी ओर “ऑपरेशन तलाश” (Operation Talash) के तहत वयस्कों की गुमशुदगी पर काम करते हुए पुलिस टीमों ने 22 महिलाओं और 9 पुरुषों को भी विभिन्न राज्यों से खोज निकाला और सुरक्षित उनके रोते-बिलखते परिजनों से मिलाकर कानून के प्रति विश्वास जगाया।

📢 “भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे ये दोनों मानवीय अभियान” — नितेश गौतम (एडिशनल एसपी, खैरागढ़)

खैरागढ़ के एडिशनल एसपी नितेश गौतम ने इस अभियान की सफलता पर बात करते हुए स्पष्ट किया कि “ऑपरेशन मुस्कान” और “ऑपरेशन तलाश” भविष्य में भी इसी तरह पूरी मुस्तैदी से लगातार जारी रहेंगे। पुलिस की इस त्वरित और मानवीय कार्रवाई ने न सिर्फ कई हताश परिवारों को उनका खोया हुआ सदस्य वापस लौटाकर नया जीवन दिया है, बल्कि समाज के भीतर पुलिस के प्रति जनता के विश्वास, सम्मान और सुरक्षा की भावना को भी पहले से कई गुना अधिक मजबूत किया है।

🤝 कई दिनों तक दूसरे राज्यों में भटकती रही पुलिस टीमें: लंबे समय बाद अपनों को देख माता-पिता की आँखों से छलके खुशी के आंसू

इस बेहद चुनौतीपूर्ण अभियान में लगी पुलिस टीमों ने अपने जमीनी अनुभव साझा करते हुए बताया कि कई पेचीदा मामलों में पुलिस को लगातार कई दिनों तक अनजान शहरों और दूरस्थ राज्यों के अज्ञात ठिकानों में रहकर कठिन खोजबीन करनी पड़ी। जांच में सामने आया कि कुछ लोग बेहतर रोजगार और मजदूरी के लिए बिना बताए बाहर चले गए थे, तो कुछ लोग गंभीर पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव या अन्य व्यक्तिगत कारणों से अचानक घर छोड़कर चले गए थे। खैरागढ़ पुलिस ने अत्यधिक धैर्य, संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ सभी मामलों में कानूनी कार्रवाई करते हुए लोगों को सुरक्षित बरामद किया। सबसे भावुक तस्वीरें तब देखने को मिलीं जब पुलिस दफ्तर में लंबे समय बाद अपने बच्चों और परिजनों को सामने देखकर परिवार के लोग फूट-फूटकर रो पड़े और कई माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू झलक पड़े।

📋 हर एक गुमशुदगी के केस की हो रही है अलग से उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग: संदिग्धों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील

जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब किसी भी वर्ग की गुमशुदगी के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता (First Priority) के आधार पर लिया जा रहा है। थाना स्तर पर दर्ज होने वाले हर एक केस की जिला मुख्यालय से अलग से रोजाना मॉनिटरिंग और समीक्षा की जा रही है ताकि किसी भी लापता व्यक्ति को जल्द से जल्द सुरक्षित खोजा जा सके।

इसके साथ ही खैरागढ़ पुलिस ने आम जनता और जागरूक नागरिकों से भी यह विशेष अपील की है कि यदि उनके आसपास या मोहल्ले में कोई भी संदिग्ध परिस्थिति में लावारिस बच्चा, महिला या कोई अज्ञात व्यक्ति दिखाई दे, तो बिना किसी डर के तत्काल इसकी सूचना नजदीकी पुलिस थाने या डायल 112 पर दें, ताकि किसी अन्य भटके हुए चेहरे को उसकी ‘मुस्कान’ वापस लौटाई जा सके।

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