Punjab Industry News: पंजाब सरकार का औद्योगिक नीति में बदलाव; बिजली बिलों पर टैक्स नोटिस से उद्योगपतियों में हड़कंप

खन्ना: पंजाब सरकार द्वारा नए और पुराने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जारी औद्योगिक नीति अब विवादों में घिर गई है। सरकार ने पहले बिजली बिलों में लगने वाली इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी (ID) और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (IDF) में जो छूट दी थी, उसे अब वापस लेने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस निर्णय से राज्य के उन सभी उद्योगपतियों में हड़कंप मच गया है, जिन्होंने इस छूट से प्रभावित होकर भारी निवेश किया था।
📋 बकाया जमा करने के आदेश
सरकार ने उन सभी उद्योगों को नोटिस जारी कर 8 मार्च से ली गई छूट का बकाया जमा करने को कहा है। इसके साथ ही, अब भविष्य के बिजली बिलों में भी यह कर (टैक्स) जोड़कर देने का निर्देश दिया गया है। अचानक मिले लाखों रुपये के बकाया नोटिस के बाद राज्य भर के उद्योगपतियों ने इसे अपने व्यापार के लिए बड़ा झटका बताया है।
⚖️ क्या है कानूनी पेंच?
इस मामले पर औद्योगिक नीति के विशेषज्ञ कपिल चिक्रसल ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक पॉलिसी 2017 और 2022 के तहत यह छूट दी गई थी, जिसे विधानसभा में पास किया गया था। उनका तर्क है कि यदि सरकार इस पॉलिसी में कोई भी संशोधन करना चाहती है, तो इसे पुनः विधानसभा में पास करवाना अनिवार्य है। बिना विधायी प्रक्रिया के जारी किए गए इस सर्कुलर को यदि हाई कोर्ट में चुनौती दी जाती है, तो इसके रद्द होने की पूरी संभावना है।






