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Sonia Gandhi Article: सोनिया गांधी का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, कहा- छात्रों के साहस का जवाब कायरता और क्रूरता से दे रही है मोदी सरकार

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर शुक्रवार को एक तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश के छात्रों ने अपनी जवाबदेही तय करने और चरमराती शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है, लेकिन इसके विपरीत मोदी सरकार ने उनके इस साहस का जवाब पूरी तरह कायरता और अकारण क्रूरता के साथ दिया है. सोनिया गांधी ने गंभीर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आज के छात्रों को देश का उज्ज्वल भविष्य मानने के बजाय उनके साथ देश के दुश्मनों जैसा अमानवीय व्यवहार कर रही है. उन्होंने सरकार पर भारत की पूरी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश के जागरुक छात्रों ने मोदी सरकार के तमाम दावों की पोल पूरी तरह खोल दी है.

📖 “छात्रों के साथ खड़ा होना नैतिक और संवैधानिक दायित्व”, द हिंदू अखबार में छपा सोनिया गांधी का लेख

सोनिया गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना और उनके सुनहरे भविष्य की रक्षा करना हमारा नैतिक, राजनीतिक और साथ ही संवैधानिक दायित्व है. ‘शिक्षा व्यवस्था का पतन, युवा भारत की पीड़ा’ शीर्षक से प्रतिष्ठित ‘द हिंदू’ अखबार में प्रकाशित अपने विस्तृत लेख में सोनिया गांधी ने लिखा कि छात्रों का यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन मुख्य रूप से एक-दूसरे से जुड़े दो बड़े कारणों का एक स्वाभाविक परिणाम है— पहला, आज के दौर की ऐसी शिक्षा व्यवस्था, जो देश के युवाओं के दिलों में केवल निराशा पैदा करती है, और दूसरा, मोदी सरकार का वही पुराना परिचित अहंकार तथा किसी भी मुद्दे पर जवाबदेही तय करने या रचनात्मक कदम उठाने से उसका लगातार इनकार करना.

🛑 “शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिसिया बर्बरता इस सरकार के लिए कोई नई बात नहीं”

सोनिया गांधी ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रत्यक्ष अधिकार क्षेत्र के तहत काम करने वाले पुलिसकर्मियों द्वारा छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई यह क्रूर बर्बरता इस वर्तमान सरकार के लिए कोई नई बात नहीं है. उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि हम सभी को अच्छी तरह याद है कि वर्ष 2020 में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम यानी सीएए-एनआरसी के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के दौरान किस प्रकार सशस्त्र पुलिस और केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों ने विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय परिसरों में घुसकर बर्बर कार्रवाई की थी. इसके अलावा, देश की पदक विजेता महिला पहलवानों के साथ सड़कों पर हुई अस्वीकार्य ज्यादतियों और दुर्व्यवहार को भी देश कभी भुला नहीं सकता.

🌙 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देर रात रिकॉर्डेड संदेश: संसद में आएगा नया सख्त कानून

इन तमाम राजनीतिक गहमागहमी के बीच, गुरुवार देर रात जारी किए गए एक विशेष रिकॉर्डेड वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा लाए जाने वाले नए और प्रस्तावित कानून में मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट और दोषियों के लिए बेहद सख्त सजा का कड़ा प्रावधान होगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद इस नए बिल को अंतिम रूप दे दिया जाएगा और आगामी मॉनसून सत्र के दूसरे हफ्ते की शुरुआत में इसे संसद के पटल पर पेश किया जाएगा.

📋 22 लाख छात्रों का साल बचाने के लिए सरकार ने उठाए कदम: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में दोहराया कि केंद्र सरकार पिछले ढाई महीनों से कथित नीट (NEET) पेपर लीक से जुड़ी चिंताओं और छात्रों की समस्याओं को दूर करने के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने रिकॉर्ड समय में दोबारा परीक्षा आयोजित करवाकर और समय पर नतीजे घोषित करके यह पूरी तरह सुनिश्चित किया है कि देश के लगभग 22 लाख छात्र-छात्राओं का एक बहुमूल्य अकादमिक वर्ष (एकेडमिक ईयर) बर्बाद होने से बच जाए.

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