ब्रेकिंग
Jantar Mantar Protest: दिल्ली में SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ MCIM का बड़ा प्रदर्शन, कई सांसद होंगे श... BJP News: 'सार्वजनिक जीवन में रखें शुचिता', पार्टी नेताओं को महंगे तोहफों से बचने की सलाह; चुनावी रा... Hyderabad Crime: मणिकोंडा के फ्लोटिला अपार्टमेंट में 'चड्डी गैंग' का धावा, महिला पर हमला कर लाखों की... Mumbai Illegal Construction: मुंबई में 14 फीट से ऊपर बने मकानों पर घमासान, कांग्रेस और शिवसेना UBT न... Kanpur Flood News: पांडु नदी के उफान में फंसा गर्भवती महिला का परिवार, 25 मिनट में NDRF ने किया सुरक... UP Politics: यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों का सियासी गणित, 8 वोटों की खातिर क्या फिर होगी क्रॉस वोटि... Agra News: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक घर पर कांग्रेस का हंगामा, दीवार पर पोती कालिख; ... Traffic Challan Recovery: नहीं भरा ट्रैफिक चालान तो कट जाएगी बिजली! सुप्रीम कोर्ट का बिजली बिल से जो... Barapullah Phase 3 Inauguration: दिल्ली को मिली बड़ी सौगात, अमित शाह कल करेंगे बारापुला फेज-3 का उद्... UP Crime News: फतेहपुर के मलवां कस्बे में भीषण सिलेंडर विस्फोट, मकान मलबे में तब्दील; सीएमओ ने की 4 ...
छत्तीसगढ़

रायपुर में 5 हजार मीटर रीडरों का जोरदार प्रदर्शन, पूर्व CM भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य में डंगनिया बिजली कार्यालय का घेराव

रायपुर (छत्तीसगढ़): प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना के विरोध और रोजगार सुरक्षा की मांग को लेकर ‘विद्युत मीटर रीडर श्रमिक संघ, छत्तीसगढ़’ के तत्वावधान में हजारों श्रमिकों ने रायपुर के डंगनिया स्थित कलार समाज भवन में विशाल राज्यस्तरीय बैठक की।

इस महासम्मेलन में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक के उपरांत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और हजारों की संख्या में पहुंचे मीटर रीडर श्रमिकों ने डंगनिया स्थित मुख्य बिजली कार्यालय का घेराव किया और बिजली कंपनी के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर सरकार के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया।

⚡ 5,000 मीटर रीडरों की आजीविका पर गहराया संकट, भूपेश बघेल और सन्नी अग्रवाल ने दिया समर्थन

समीक्षा बैठक के दौरान मीटर रीडर संघ के प्रतिनिधियों ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समक्ष अपनी मूलभूत समस्याएं और मांगें विस्तार से रखीं। श्रमिकों ने बताया कि प्रदेशभर में तेजी से लगाए जा रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटरों के कारण राज्य के लगभग 5,000 मीटर रीडर और उनके परिवारों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

कार्यक्रम में मौजूद संघ के संरक्षक सुशील सन्नी अग्रवाल ने कहा कि किसी भी नई तकनीकी व्यवस्था को लागू करने से पहले सरकार की यह नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी बनती है कि वह सालों से सेवा दे रहे श्रमिकों के भविष्य और उनके समायोजन (पुनर्वास) की स्पष्ट नीति बनाए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्रमिकों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक खड़ी रहेगी।

🏬 डंगनिया बिजली कार्यालय का घेराव, विकास उपाध्याय के नेतृत्व में सौंपा गया ज्ञापन

सम्मेलन के पश्चात संघ के संरक्षक सुशील सन्नी अग्रवाल, रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, कांग्रेस पदाधिकारियों और भारी संख्या में एकत्र हुए मीटर रीडर श्रमिकों ने डंगनिया बिजली दफ्तर पहुंचकर मुख्य द्वार का घेराव किया।

प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को मांग पत्र सौंपते हुए त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की। श्रमिक नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में उग्र रूप दिया जाएगा।

💰 स्मार्ट मीटर से 300 का बिल 10 हजार पहुंचने का आरोप, सरकार से मांगी पारदर्शिता

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर आम उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। नेताओं ने दावा किया कि जिन आम उपभोक्ताओं का मासिक बिजली बिल पहले ₹300 से ₹400 आता था, स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनका बिल अप्रत्याशित रूप से ₹5,000 से ₹10,000 तक पहुंच रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार से सवाल पूछा कि इस स्मार्ट मीटर योजना का वास्तविक उद्देश्य क्या है और इससे आम जनता को क्या राहत मिल रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस योजना से कहीं आम जनता की जेब काटकर निजी कॉरपोरेट घरानों को अनुचित लाभ तो नहीं पहुंचाया जा रहा है।

📢 ‘सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही’, कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया अनदेखी का आरोप

कांग्रेस प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी पार्टी शुरुआत से ही जनविरोधी स्मार्ट मीटरों और बेतहाशा बढ़ते बिजली बिलों का विरोध करती आ रही है, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार जनता और श्रमिकों की जायज तकलीफों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रही है।

उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि रोजगार से जुड़े इस अत्यंत संवेदनशील मुद्दे पर सरकार के “कान पर जूं तक नहीं रेंग रही” है। आज हजारों आउटसोर्स व संविदा परिवार अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं।

📋 विद्युत मीटर रीडर श्रमिक संघ की 3 प्रमुख मांगें:

  1. स्मार्ट मीटर पर रोक व समायोजन: प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से रोका जाए और जब तक सभी 5,000 मीटर रीडरों के लिए वैकल्पिक रोजगार एवं समायोजन की नीति नहीं बन जाती, इसे लागू न किया जाए।

  2. रोजगार संरक्षण: जब तक सभी श्रमिकों के पुनर्वास की ठोस लिखित व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक पुरानी मीटर रीडिंग व्यवस्था ही यथावत रखी जाए।

  3. उच्चस्तरीय वार्ता: प्रदेश के 5,000 मीटर रीडरों के प्रतिनिधिमंडल के साथ शासन-प्रशासन जल्द आधिकारिक बैठक कर समस्याओं का स्थायी व सम्मानजनक समाधान निकाले।

👥 पूर्व महापौर प्रमोद दुबे सहित कई दिग्गज रहे उपस्थित, आर-पार की लड़ाई का ऐलान

इस विशाल विरोध प्रदर्शन और बैठक के दौरान रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, मीटर रीडर संघ के अध्यक्ष संतोष यादव, उपाध्यक्ष अशोक कुमार साहू, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, संघ के संरक्षक सुशील सन्नी अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और प्रदेशभर से आए हजारों मीटर रीडर श्रमिक उपस्थित रहे।

बैठक और घेराव के माध्यम से श्रमिकों ने शासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि अपने रोजगार, पुनर्वास और हक के लिए वे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे और आने वाले दिनों में यह लड़ाई और तेज होगी।

Related Articles

Back to top button