जींद जिला जेल में कैदी की आत्महत्या का मामला: 2 DSP, हवलदार समेत 7 लोगों पर FIR दर्ज; परिजनों के हंगामे के बाद एक्शन

जींद (हरियाणा): जींद जिला कारागार में बंद एक कैदी द्वारा संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या किए जाने के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने बड़ा प्रशासनिक व कानूनी शिकंजा कसा है।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने घटना के तीन दिन उपरांत जींद जेल के 2 डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP), 2 डॉक्टरों, 2 हवलदार और 1 कैदी के विरुद्ध मारपीट करने, जातिसूचक शब्द कहने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। उल्लेखनीय है कि गत 2 अगस्त की रात्रि जींद जेल के बाथरूम में एक कैदी ने फांसी का फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली थी।
🏥 “पथरी के ऑपरेशन के बजाय नशे का टीका लगाते थे”: मृतक के पिता ने लगाए जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप
मृतक कैदी संदीप के पिता वासुदेव ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि संदीप लंबे समय से गुर्दे की पथरी के गंभीर दर्द से पीड़ित था और उसका उपचार पीजीआई (PGI) रोहतक से चल रहा था।
चिकित्सकों ने एक वर्ष पूर्व ही उसके ऑपरेशन की सलाह दी थी, किंतु जेल प्रशासन उसे अस्पताल ले जाने हेतु पुलिस गार्द उपलब्ध नहीं करा रहा था। अत्यधिक पीड़ा होने पर उसे दर्द निवारक व नशे के टीके लगा दिए जाते थे तथा पीजीआई रोहतक द्वारा सुझाई गई दवाएं भी उसे उपलब्ध नहीं कराई जाती थीं।
☎️ “उल्टा लटकाकर पीटते थे, फोन कॉल भी रिकॉर्ड की”: परिजनों ने प्रताड़ना का दिया ब्योरा
पिता वासुदेव के अनुसार, जब संदीप अपनी बीमारी व इलाज के संदर्भ में जेल डिप्टी सुपरिंटेंडेंट सुरेंद्र व विक्रम गिल, एल.ओ. ईश्वर तथा एक अन्य सजायाफ्ता कैदी गोल्डी से गुहार लगाता था, तो वे उसे जातिसूचक गालियां देते थे।
आरोप है कि संदीप को उल्टा लटकाकर अमानवीय तरीके से पीटा जाता था। संदीप ने जेल से फोन कर परिजनों को रोते हुए कहा था कि उसे बचा लिया जाए, अन्यथा ये लोग उसकी हत्या कर देंगे। परिजनों ने इस टेलीफोनिक बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी है। इसी निरंतर शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर संदीप ने जेल के बाथरूम में फांसी लगा ली।
⚖️ परिजनों के कड़े रुख के बाद झुका पुलिस प्रशासन, 2 जेल डीएसपी समेत 7 पर केस दर्ज
घटना के पश्चात मृतक संदीप के परिजनों और ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि जब तक दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
बढ़ते जनाक्रोश और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए देर रात सिविल लाइन थाना पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में दो जेल डीएसपी सुरेंद्र और विक्रम गिल, हवलदार ईश्वर, कृष्ण तथा कैदी गोल्डी को नामजद किया गया है तथा मामले की निष्पक्ष जांच प्रारंभ कर दी गई है।






