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हरियाणा

पूर्व MLA रामनिवास सुरजाखेड़ा की याचिका खारिज, हाई कोर्ट से स्टे न होने पर आरोप तय करने की प्रक्रिया जारी

चंडीगढ़: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) से जुड़े 225.51 करोड़ रुपये के बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष पीएमएलए अदालत ने पूर्व विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा को बड़ा झटका दिया है।

विशेष अदालत ने उनके खिलाफ औपचारिक आरोप (चार्ज) तय करने की प्रक्रिया को आगे टालने की मांग वाली याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अदालत के इस सख्त रुख के बाद अब पूर्व विधायक के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसना तय हो गया है और मामले में आरोप तय करने की अग्रिम कार्यवाही आगे बढ़ेगी।

🏛️ हाई कोर्ट में याचिका लंबित होने का दिया था हवाला: सुनवाई रोकने की थी गुहार

बचाव पक्ष की दलीलें और कानूनी तर्क:

  • हाई कोर्ट में चुनौती: सुनवाई के दौरान पूर्व विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा के अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि उन्होंने निचली अदालत के 5 जून के आदेश को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दे रखी है।

  • निर्णय आने तक स्थगन की मांग: बचाव पक्ष ने दलील दी कि जब तक उच्च न्यायालय में विचाराधीन याचिका पर कोई स्पष्ट निर्देश या आदेश नहीं आ जाता, तब तक विशेष अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया को स्थगित रखा जाना चाहिए।

🚫 विशेष अदालत की दो टूक: हाई कोर्ट से कोई स्टे नहीं, बहस पूरी होने पर नहीं रुकेगी कार्यवाही

अदालत का फैसला और विधिक टिप्पणियां:

  • स्थगन आदेश का अभाव: विशेष पीएमएलए अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को सिरे से नकारते हुए स्पष्ट किया कि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की ओर से मामले की कार्यवाही पर किसी भी प्रकार का स्टे (स्थगन आदेश) जारी नहीं किया गया है।

  • बहस हो चुकी है संपन्न: अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इस कानूनी बिंदु पर अभियोजन और बचाव दोनों पक्षों की ओर से जिरह पहले ही पूरी हो चुकी है।

  • कार्यवाही जारी रहेगी: अदालत ने दो टूक कहा कि जब तक उच्च अदालत से कोई औपचारिक रोक नहीं है, तब तक ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही रोकने का कोई विधिक औचित्य नहीं बनता।

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