HCL मलाजखंड और आईआईटी कानपुर की SATHEE पहल ने मलाजखंड में आयोजित किया करियर काउंसलिंग एवं जागरूकता सत्र ‘प्रगति 2026

मलाजखंड (मध्य प्रदेश), 07 सितम्बर 2026: शिक्षा मंत्रालय द्वारा आईआईटी कानपुर के सहयोग से विकसित साथी (SATHEE) पहल और HCL मलाजखंड के संयुक्त तत्त्वावधान में सोमवार को डी.ए.वी. स्कूल मलाजखंड स्थित साथी केंद्र पर एक दिवसीय करियर काउंसलिंग एवं जागरूकता सत्र ‘प्रगति (जागरूकता, विकास, आकांक्षा, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार कार्यक्रम) 2026’ का सफल आयोजन किया गया।

दो घंटे तक चले इस सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्रों को स्कूल के बाद उपलब्ध करियर विकल्पों, उभरती प्रौद्योगिकियों, तनाव प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में छात्रों ने विभिन्न क्षेत्रों से आए वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपने करियर से जुड़े प्रश्नों के समाधान प्राप्त किए।
वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनिकेत शांडिल्य (IAS, SDM) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री नागेश गोपालकृष्ण शेनाेय (एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर) उपस्थित रहे। इसके साथ ही, श्री हिमांशु शेखर पानिग्रही (चीफ मैनेजर, CSR एवं जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) और श्रीमती प्रिया सचदेव (असिस्टेंट मैनेजर, ऑफिशियल लैंग्वेज) ने भी कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा छात्रों द्वारा बनाए गए विभिन्न मॉडलों और नवाचारी परियोजनाओं के अवलोकन के साथ हुआ। तत्पश्चात, डी ए वी स्कूल प्रधानाचार्या श्रीमती सुरुचि कटारिया जी ने सभी अतिथियों का औपचारिक स्वागत एवं सम्मान किया।
दृढ़ संकल्प, एआई और व्यक्तित्व विकास पर रहा जोर
छात्रों को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि यदि मन में कुछ हासिल करने का दृढ़ संकल्प हो, तो विपरीत परिस्थितियाँ और संसाधनों की कमी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं।

सत्र के दौरान आधुनिक तकनीकों के रचनात्मक उपयोग पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए कहा, “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को एक शत्रु के रूप में न देखकर एक मित्र की तरह अपनाएं और इसका उपयोग अपने प्रगतिशील एवं उत्पादक कार्यों के लिए करें।” इसके साथ ही साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष विज्ञान और अंडरवाटर टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों की बढ़ती प्रासंगिकता के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में कम उम्र में छात्रों द्वारा सामना किए जाने वाले तनाव, माता-पिता की अपेक्षाओं और शैक्षणिक दबाव जैसे विषयों पर भी संवेदनशीलता से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने छात्रों को स्वयं पर काम करने,आत्म-जागरूकता बढ़ाने, इच्छाशक्ति मजबूत करने तथा लीक से हटकर सोचने की सलाह दी।
भविष्य के निर्णयों में सहायक बनेगी पहल आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य

छात्रों को स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उपलब्ध अवसरों के प्रति स्पष्टता देना था ताकि वे अपने भविष्य के संबंध में सटीक और सही निर्णय ले सकें।सत्र के समापन पर उपस्थित अतिथियों, विद्यालय प्रतिनिधियों, शिक्षकों और छात्रों के साथ एक समूह चित्र (ग्रुप फोटो) लिया गया।





