Jalandhar Food Safety Raid: जालंधर में मिलावटखोरी पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, 75 किलो पनीर जब्त; खोया-पनीर के 14 सैंपल भरे

जालंधर (पंजाब): त्योहारी सीजन के मद्देनजर मिलावटी एवं घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की फूड सेफ्टी टीम ने सघन चेकिंग अभियान चलाया।
कमिश्नर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन पंजाब कंवलप्रीत कौर एवं डिप्टी कमिश्नर जालंधर वरजीत वालिया के दिशा-निर्देशों तथा सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग के आदेशानुसार यह कार्रवाई अमल में लाई गई। सहायक कमिश्नर (फूड) रजिन्द्र पाल सिंह के नेतृत्व में फूड सेफ्टी अधिकारी मुकुल गिल, रोबिन कुमार तथा राशू महाजन की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए किशनपुरा चौक से 50 किलोग्राम पनीर तथा कैंट क्षेत्र में एक संदिग्ध वाहन व हलवाई की दुकान से 25 किलोग्राम पनीर शक के आधार पर अपने कब्जे में लिया।
🧪 गुणवत्ता जांच के लिए स्टेट लैब भेजे गए 14 सैंपल: रिपोर्ट फेल आने पर दर्ज होगा केस
दुकानों पर चेकिंग और नमूनों का संकलन:
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सघन निरीक्षण: टीम ने संतोखपुरा तथा गुरु तेग बहादुर नगर स्थित विभिन्न मिष्ठान भंडारों व हलवाइयों की दुकानों पर औचक निरीक्षण किया।
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नमूने एकत्र किए: निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता की जांच हेतु खोया एवं पनीर के कुल 14 संदिग्ध सैंपल सील किए गए।
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लैब परीक्षण: एकत्रित किए गए सभी नमूनों को अधिकृत जांच के लिए स्टेट फूड लैबोरेट्री भेज दिया गया है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने या सैंपल सब-स्टैंडर्ड पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ विधि सम्मत दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
⚖️ स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर नहीं मिलेगी राहत: फूड सेफ्टी एक्ट-2006 के तहत कड़ी चेतावनी
खाद्य कारोबारियों को प्रशासनिक हिदायतें:
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सख्त कानूनी प्रावधान: सहायक कमिश्नर (फूड) रजिन्द्र पाल सिंह ने सभी खाद्य निर्माताओं एवं विक्रेताओं को सख्त लहजे में सचेत करते हुए कहा कि मिलावटखोरी के विरुद्ध यह विशेष जांच अभियान निरंतर जारी रहेगा।
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लाइसेंस और स्वच्छता अनिवार्य: उन्होंने जिले के समस्त फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) को निर्देशित किया कि वे अपना वैध फूड सेफ्टी लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन दुकान के मुख्य भाग पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें तथा निर्माण व भंडारण में स्वच्छता के कड़े मानकों का पालन करें।
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बख्शे नहीं जाएंगे दोषी: जनता के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट-2006’ की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





