Gurdaspur Crime News: फर्जी वसीयत बनाकर हड़पी जमीन, दोरांगला पुलिस ने जालंधर के 4 लोगों पर दर्ज किया केस

गुरदासपुर (पंजाब): जिले के दोरांगला थाना क्षेत्र में फर्जी वसीयत के सहारे पुश्तैनी जमीन ट्रांसफर करवाने का सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
पीड़ित पक्ष की शिकायत पर डीएसपी (सब-डिवीजन दीनानगर) द्वारा कराई गई विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
📜 टाइपिस्ट की दुकान पर रची गई साजिश: अटारी स्थित पुश्तैनी जमीन पर किया खेल
धोखाधड़ी का घटनाक्रम और शिकायत का विवरण:
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शिकायतकर्ता का पक्ष: पुलिस जांच अधिकारी रणबीर सिंह के अनुसार, पंजाबी बाग, सिविल लाइंस (पटियाला) निवासी सतप्रीत सिंह ने इस संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी।
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पैतृक संपत्ति का विवाद: शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी पुश्तैनी कृषि भूमि गांव अटारी, जिला अमृतसर-2 के अंतर्गत स्थित है।
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जाली दस्तावेज का निर्माण: आरोप के मुताबिक, आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत कस्बा दोरांगला में स्थित एक टाइपिस्ट की दुकान पर मिलीभगत कर फर्जी वसीयत तैयार करवाई।
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अवैध तरीके से ट्रांसफर: इसी कूटरचित और जाली वसीयत को वास्तविक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत कर संबंधित पैतृक जमीन को गैरकानूनी ढंग से अन्य के नाम ट्रांसफर करवा लिया गया।
👥 जालंधर के 4 आरोपियों पर कसा शिकंजा: विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज
आरोपियों की पहचान और कानूनी कार्रवाई:
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आरोपियों का ब्योरा: डीएसपी की जांच में आरोप सही पाए जाने के उपरांत दोरांगला पुलिस ने सरबजीत कौर, सुखप्रीत सिंह, गुरचरण (निवासी डंडाल खुर्द, जालंधर) तथा मनी लाल (निवासी गाजी गुल्ला, थाना डिवीजन नंबर-2, जालंधर) के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है।
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सख्त कानूनी प्रक्रिया: पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं (धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज निर्माण और षड्यंत्र) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया है।
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आगे की तफ्तीश: मामले से जुड़े अन्य पहलुओं, टाइपिस्ट की भूमिका और राजस्व विभाग की संलिप्तता को लेकर पुलिस दल विस्तृत तफ्तीश कर रहा है ताकि आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।





