Gurugram Biker Accident Update: 170 की स्पीड का दावा निकला झूठा, कैमरे के वीडियो से सामने आई सचई, दौसा से दबोचा गया आरोपी

गुरुग्राम: बहुचर्चित गुरुग्राम हिट एंड रन केस में आरोपी कल्याण बैंसला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले अदालत में उसके वकील ने दावा किया था कि हादसे के वक्त महिला बाइकर सिया की स्पीड 170 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी. हालांकि, सिया के पीछे चल रही दूसरी बाइकर के कैमरे में कैद हुए वीडियो के सामने आने के बाद इस झूठे दावे की पोल खुल गई है. वीडियो से साफ हो गया है कि हादसे के वक्त सिया की स्पीड 170 नहीं, बल्कि महज 78 किमी प्रति घंटा थी.
📹 2. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो बना अहम सबूत, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए बनाई गई थीं तीन विशेष टीमें
इस बड़े झूठ के बेनकाब होने के बाद पुलिस अब आरोपी कल्याण बैंसला को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी में जुटी है. मालूम हो कि 15 सितंबर को महिला बाइकर सिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें एक कार उसकी बाइक को टक्कर मारती साफ नजर आ रही थी. इस भीषण हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी. वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज किया और आरोपी की धरपकड़ के लिए तीन टीमों का गठन किया था.
🚓 3. पलवल का रहने वाला है आरोपी जिम संचालक, राजस्थान के दौसा से दबोचा गया; साथ में एक अन्य शख्स भी शामिल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पलवल का रहने वाला है और पेशे से जिम संचालक है. तकनीकी सर्विलांस और लोकेशन ट्रेस करते हुए गुरुग्राम पुलिस ने उसे राजस्थान के दौसा से दबोच लिया. गिरफ्तारी के वक्त उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था, जिसकी भूमिका की पुलिस बारीकी से जांच कर रही है. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया था कि आरोपियों ने गलत जेस्चर करते हुए अभद्र टिप्पणी की थी और वह अपने दोस्त की गाड़ी चला रहा था.
🛡️ 4. सेफ्टी गियर की वजह से ब बची बाइकर सिया की जान, पुलिस ने धारा 109 के तहत दर्ज किया है मामला
वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि टक्कर बेहद भयानक थी, लेकिन सही और उच्च गुणवत्ता वाले सेफ्टी गियर पहने होने के कारण बाइकर सिया की जान बाल-बाल बच गई. पुलिस ने वीडियो साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पर धारा 109 लगाई है, क्योंकि फुटेज से यह स्पष्ट होता है कि कार चालक ने जानबूझकर साइड से टक्कर मारकर जान लेने की कोशिश की थी. डीसीपी ईस्ट संदीप कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह हरियाणा पुलिस का एक सफल ऑपरेशन था, जिसमें राजस्थान पुलिस का भी सहयोग मिला.





