Haryana Weather Update: हरियाणा में मानसून की विदाई, अगले 5 दिन शुष्क रहेगा मौसम; 6-7 अक्टूबर को बारिश के आसार

हरियाणा में दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक विदाई के बाद अब मौसम का मिजाज मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है।
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आगामी पांच दिनों के दौरान प्रदेशभर में आसमान साफ रहेगा और मौसम शुष्क बना रहेगा। इसके पश्चात पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी बदलावों के असर से छह और सात अक्टूबर को कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की जा सकती है।
राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने अगले सात दिनों के लिए प्रदेश में किसी भी तरह की गंभीर मौसम चेतावनी (Weather Alert) जारी नहीं की है।
🌡️ अधिकतम तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी: हिसार रहा प्रदेश में सबसे गर्म शहर
प्रदेश के तापमान और गर्मी की वर्तमान स्थिति:
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पारे में उछाल: राज्य के औसत अधिकतम तापमान में बुधवार की तुलना में 1.3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है, हालांकि समग्र तापमान सामान्य स्तर के आसपास ही बना हुआ है।
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हिसार में सबसे ज्यादा गर्मी: हिसार 36.9 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया।
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प्रमुख शहरों का तापमान: करनाल में अधिकतम तापमान 33.5°C, रोहतक व गुरुग्राम में 33.7°C, सिरसा में 35.4°C, फरीदाबाद में 36.1°C और पंचकूला में 31.9°C दर्ज हुआ। अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 33 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा।
📉 पूरे मानसून सीजन में 25 फीसदी कम बरसे बादल: केवल पलवल में दर्ज हुई सामान्य से अधिक बारिश
मानसून 2026 के आधिकारिक आंकड़े और बारिश का विश्लेषण:
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कुल बारिश का आंकड़ा: 1 जून से 30 सितंबर तक के पूरे मानसून सीजन के दौरान हरियाणा में 322.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि की सामान्य बारिश का औसत 430.7 मिमी रहता है। इस तरह पूरे सीजन में बारिश सामान्य से 25 फीसदी कम रही।
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जिलों की स्थिति: राज्य के जिलों में केवल पलवल एकमात्र ऐसा जिला रहा जहां सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। 11 जिलों में बारिश का स्तर सामान्य रहा, जबकि 10 जिले बारिश की भारी कमी (Deficit) से जूझते रहे।
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जींद में सबसे ज्यादा सूखा: जींद जिले में सामान्य से 57 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई, जो राज्य में सबसे कम है।
📅 महीने-वार बारिश का रिकॉर्ड: सितंबर माह में सामान्य से 44% कम हुई वर्षा
चार महीनों में बारिश का चरणबद्ध ब्योरा:
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जून: मानसून के शुरुआती माह जून में 30.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
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जुलाई: जुलाई के दौरान बारिश में तेजी आई और आंकड़ा 109.7 मिमी तक पहुंचा।
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अगस्त: अगस्त का महीना सबसे अधिक वर्षा वाला रहा, जिसमें 138.8 मिमी बारिश हुई।
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सितंबर में सुस्त पड़ा मानसून: सितंबर के महीने में महज 43.5 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य औसत के मुकाबले 44 फीसदी कम रही और इसके चलते किसानों व आम नागरिकों को उमस का सामना करना पड़ा।





