Supreme Court Hearing: दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति से जुड़ी याचिका पर सुनवाई को तैयार हुआ सुप्रीम कोर्ट

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों की इजाजत दिए जाने की मांग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सहमति जता दी है। याचिका में इस मामले पर जल्द से जल्द सुनवाई करने की गुहार लगाई गई थी, जिसे शीर्ष अदालत ने स्वीकार कर लिया है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की है कि वह दिल्ली पुलिस को राष्ट्रीय राजधानी में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन और मार्च की अनुमति देने का निर्देश दे।
याचिकाकर्ता पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस छात्रों, आम नागरिकों के साथ-साथ रजिस्टर्ड राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारियों और सांसदों तक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत नहीं दे रही है, जो कि एक बेहद अहम और गंभीर मुद्दा है।
🏛️ CJI सूर्यकांत की बेंच ने क्या कहा?
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष जब यह मामला उठाया गया, तो अदालत ने इस पर सवाल पूछे:
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राहत और याचिकाकर्ता: CJI ने पूछा कि याचिका में मुख्य रूप से क्या राहत मांगी गई है, याचिकाकर्ता कौन है और क्या यह एक जनहित याचिका (PIL) है?
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मामलों की सूची: कोर्ट ने बताया कि इसी तरह के कुछ अन्य मामले आज पहले से ही सुनवाई के लिए लिस्टेड हैं, इसलिए इस याचिका को भी सूची में शामिल कर लिया जाएगा ताकि संबंधित पक्ष अपनी दलीलें रख सकें।
🛑 “यह संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का हनन है”
याचिका में मुख्य आरोप लगाए गए हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उठे विवादों और उसके बाद के घटनाक्रमों के बाद से दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय राजधानी में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर पूरी तरह पाबंदी लगा रही है। याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि छात्रों, आम नागरिकों और राजनीतिक नेताओं को जंतर-मंतर या अन्य जगहों पर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने से रोकना सीधे तौर पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत मिले अभिव्यक्ति और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का हनन है। अब सुप्रीम कोर्ट के इस मामले की सुनवाई के लिए तैयार होने से याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





