फिल्म ‘दृश्यम’ से प्रेरित होकर खौफनाक वारदात: 2000 किलोमीटर दूर सूरत से आकर बेटे ने कुल्हाड़ी से की पिता की हत्या

बिहार: समस्तीपुर जिले के हलई थाना क्षेत्र के दरबा गांव से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक कलयुगी बेटे ने अपनी ही पिता की बेरहमी से हत्या कर डाली। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी बेटे शिव शंकर ने इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के लिए अजय देवगन की चर्चित फिल्म ‘दृश्यम’ से पूरी तरह प्रेरणा ली थी। आरोपी लंबे समय से अपने परिवार के साथ गुजरात के सूरत में रहता था। पुलिस का दावा है कि पिता से चल रहे जमीन विवाद और उसकी पत्नी के साथ अक्सर गाली-गलौज किए जाने से नाराज होकर उसने इस कत्ल की खौफनाक योजना बनाई थी।
🛤️ सूरत से बिहार तक का सफर और हत्या की साजिश
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योजना और यात्रा: पुलिस के मुताबिक, सूरत में रहते हुए ही आरोपी ने फिल्म देखकर सबूत मिटाने और पुलिस से बचने की पूरी योजना तैयार की। इसके बाद वह ट्रेन के जरिए बिहार पहुंचा। पटना और हाजीपुर के रास्ते वह पटोरी स्टेशन उतरा, वहां से ऑटो लिया और फिर करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर अंधेरे में अपने पैतृक गांव पहुंचा।
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दरवाजे पर सो रहे पिता पर हमला: 26 जुलाई की देर रात शिव शंकर पीछे के रास्ते से अपने घर में दाखिल हुआ। इसके बाद उसने घर की कोठरी में रखी कुल्हाड़ी निकाली और घर के बाहर चारपाई पर सो रहे अपने पिता रघुवीर सहनी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
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वापसी: वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी रात के समय ही गांव से फरार हो गया और पटोरी स्टेशन पहुंचकर ट्रेन पकड़कर वापस सूरत लौट गया।
📱 मोबाइल बंद रखना और एक छोटी सी गलती बनी सुराग
खुद को पुलिस की पकड़ से बचाने के लिए आरोपी ने पूरी यात्रा के दौरान अपना मोबाइल फोन बंद रखा था। हालांकि, पटोरी स्टेशन पहुंचने के बाद उसने कुछ पलों के लिए मोबाइल ऑन किया और अपनी पत्नी से बातचीत की, जिसके तुरंत बाद उसने फोन फिर से बंद कर दिया।
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तकनीकी जांच: पुलिस की तकनीकी और सर्विलांस टीम के लिए यही छोटी सी गलती एक बहुत बड़ा सुराग साबित हुई। कॉल डिटेल और टावर लोकेशन के विश्लेषण से पुलिस को हत्या वाली रात उसका मोबाइल पटोरी स्टेशन के पास एक्टिव मिला, और उसके करीब 36 घंटे बाद उसकी लोकेशन सूरत में ट्रेस हो गई।
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गिरफ्तारी: पुलिस ने परिजनों से पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों को जब आपस में जोड़ा, तो शक की सुई पूरी तरह शिव शंकर पर टिक गई। हैरानी की बात यह है कि पिता की मौत के बाद वह उनके श्राद्ध कार्यक्रम में भी शामिल होने नहीं आया था। आखिरकार पुलिस टीम ने सूरत पहुंचकर उसे दबोच लिया।





