कश्मीर में मौसम का अनोखा मिजाज: अक्टूबर में गर्मी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, श्रीनगर और काजीगुंड में चढ़ा पारा

अक्टूबर का महीना शुरू होते ही आमतौर पर कश्मीर घाटी में मौसम में ठंडक बढ़ने लगती है और सर्दी दस्तक देने लगती है, लेकिन इस बार घाटी में मौसम का बिल्कुल अलग ही मिजाज देखने को मिल रहा है। इस बार अक्टूबर के महीने में असामान्य गर्मी ने लोगों को हैरान कर दिया है। रविवार (4 अक्टूबर) को कश्मीर के कई प्रमुख मौसम केंद्रों ने अक्टूबर महीने में अब तक का सबसे ज्यादा या उसके आसपास का तापमान दर्ज किया, जिससे तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर पहुंच गया। श्रीनगर, काजीगुंड, गुलमर्ग और कोकरनाग जैसे इलाकों में अधिकतम तापमान ने पिछले कई सालों के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं या उनके बेहद करीब पहुंच गया है।
📊 प्रमुख शहरों में दर्ज किया गया तापमान और टूटे रिकॉर्ड
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श्रीनगर: यहां अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अक्टूबर में अब तक का दूसरा सबसे अधिक तापमान है। इससे पहले 2 अक्टूबर 2008 को 31.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। जबकि श्रीनगर में अक्टूबर का ऑल-टाइम रिकॉर्ड 33.9 डिग्री सेल्सियस है, जो 2 अक्टूबर 1931 को दर्ज हुआ था।
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काज़ीगुंड: यहां अधिकतम तापमान बढ़कर 31.4 डिग्री सेल्सियस हो गया, जिसने 1 अक्टूबर 1985 के 31.2 डिग्री के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह सामान्य से 7.3 डिग्री ज्यादा था।
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गुलमर्ग: प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 6.7 डिग्री अधिक है और यह यहां अक्टूबर का दूसरा सबसे गर्म दिन बन गया है।
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कोकरनाग: यहां अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने 4 अक्टूबर 2008 के 29.2 डिग्री के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। यह सामान्य से 5.8 डिग्री ज्यादा था।
🍂 विशेषज्ञों की राय और असामान्य गर्मी का प्रभाव
स्वतंत्र मौसम विशेषज्ञ फैजान आरिफ ने घाटी में दर्ज किए गए इस तापमान को अक्टूबर के लिहाज से बेहद असाधारण बताया है। उन्होंने कहा कि काजीगुंड और कोकरनाग में रिकॉर्ड टूटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पूरे कश्मीर में गर्मी का प्रभाव असामान्य रूप से तेज है।
आमतौर पर पतझड़ के इस मौसम में कश्मीर में तापमान धीरे-धीरे कम होता है और ठंड बढ़ती है, लेकिन इस बार घाटी के मैदानी इलाकों के साथ-साथ ऊंचाई वाले पर्यटक स्थलों पर भी सामान्य से कहीं अधिक गर्मी दर्ज की जा रही है, जिससे मौसम का चक्र चर्चा का विषय बना हुआ है।





