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हरियाणा

CBI Economic Offence Wing Action: पंचकूला CBI कोर्ट में पेश किए गए आरोपी, करोड़ों के फंड हेराफेरी का पर्दाफाश

पंचकूला से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ हरियाणा सरकार, CREST (क्रेस्ट) और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सरकारी खातों से करोड़ों रुपये के गबन और फर्जीवाड़े के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की इकोनॉमिक ऑफेंस ब्रांच ने बेहद सख्त कार्रवाई की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गहन जांच-पड़ताल के बाद CBI ने चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

👥 गिरफ्तार किए गए आरोपियों की डिटेल्स

जांच एजेंसी द्वारा पकड़े गए आरोपियों में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) सिद्धार्थ नरूला, मोहित गोयल, मनोज कुमार और चंडीगढ़ के प्रमुख कारोबारी गौरव कंसल शामिल हैं। सीबीआई ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर ले लिया गया है।

🕵️‍♂️ फर्जी कंपनियों और जाली बिलों के जरिए हुआ खेल

CBI की शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि सरकारी फंड को ठिकाने लगाने के लिए बेहद शातिराना तरीके अपनाए गए थे।

  • शेल कंपनियां और जाली बिल: सरकारी धन को सीधे तौर पर निकालने के बजाय फर्जी कंपनियों, जाली बिलों और शेल (Shell) कंपनियों के नेटवर्क के माध्यम से अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया गया।

  • कैश में कन्वर्जन: खातों में रकम ट्रांसफर होने के बाद उसे तुरंत कैश में कन्वर्ट करके बड़े पैमाने पर गबन को अंजाम दिया गया।

फिलहाल, सीबीआई इस पूरे मामले में ‘मनी ट्रेल’ (Money Trail) की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अन्य किन सरकारी खातों से अवैध लेनदेन किए गए हैं।

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