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छत्तीसगढ़

Kanker News Today: वनांचल क्षेत्रों में जंगली जानवरों के खतरे और तकनीकी खामियों के बीच पटवारियों का कार्य बहिष्कार

कवर्धा। छत्तीसगढ़ में फसलों के भौतिक सत्यापन के लिए उपयोग किए जा रहे ‘पीवी एप’ (Crop Physical Verification App) का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। एप की तकनीकी और व्यावहारिक जटिलताओं के साथ-साथ वेतन विसंगति और पदोन्नति की मांगों को लेकर जिले के 180 राजस्व पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के कारण तहसीलों और राजस्व कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो गया है, जिससे आम नागरिकों के नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और जाति-निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कार्य अटक गए हैं।

📱 नेटवर्क की समस्या और जंगली जानवरों का खतरा: मैदानी स्तर पर काम करना हुआ मुश्किल

हड़ताल कर रहे पटवारियों का कहना है कि ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में कमजोर इंटरनेट नेटवर्क के कारण पीवी एप का संचालन बेहद कठिन हो जाता है। इसके अलावा, खेतों में फसलें बड़ी हो जाने के कारण अंदर प्रवेश कर सत्यापन करना चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ वनांचल में तेंदुए और जंगली सुअर जैसे वन्यजीवों का गंभीर खतरा भी बना रहता है। पटवारियों का तर्क है कि एक ही खसरे के सत्यापन में अत्यधिक समय लगने के कारण उन पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है, जिसे शासन स्तर पर व्यावहारिक रूप से दुरुस्त किया जाना चाहिए।

🏛️ आम जनता की बढ़ी परेशानी, जरूरी दस्तावेजों के लिए भटक रहे लोग

पटवारियों के काम पर नहीं लौटने से जिले में राजस्व संबंधी मामलों के निष्पादन में भारी विलंब हो रहा है। किसानों और आम जनता को अपने जरूरी कार्यों और प्रमाणपत्रों के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। हालांकि, पटवारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार एप की तकनीकी कमियों को दूर नहीं करती और उनकी न्यायसंगत मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।

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