ब्रेकिंग
SIR Process in Karnataka: कर्नाटक में एसआईआर प्रक्रिया पर कांग्रेस के अंदर अंतर्कलह, मंत्रियों के अल... NEET UG Paper Leak Case: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में नीट पेपर लीक मामले पर सुनवाई, 18 नवंबर को ... Cyclone Arnab Rapid Intensification: बंगाल की खाड़ी में खतरनाक रूप ले रहा चक्रवात 'अर्णब', वैज्ञानिक... Rajesh Khanna Case Supreme Court Verdict: अनीता आडवाणी को सुप्रीम कोर्ट से झटका, राजेश खन्ना के साथ ... Barmer Panchayat Election Controversy: नामांकन खारिज होने के बावजूद शख्स ने लड़ा चुनाव और बन गया सरप... Purnia News: अवैध संबंधों का विरोध करने पर पति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पूर्णिया में पत्नी औ... Gorakhpur Encounter News: महिला को बाइक से धक्का देकर मारने वाला बदमाश पुलिस मुठभेड़ में ढेर, गिरफ्त... Karwa Chauth 2026: अपनों से दूर भरतपुर के ‘अपना घर आश्रम’ में 212 मानसिक रूप से स्वस्थ महिलाएं रखेंग... Samastipur Viral Video: बिहार के समस्तीपुर में विवाहिता की मांग में जबरन सिंदूर भरने का वीडियो वायरल... Ghaziabad Crime News: गाजियाबाद में पत्नी ने जिम ट्रेनर प्रेमी के साथ मिलकर रची पति की हत्या की साजि...
दिल्ली/NCR

सनातनी विनोद कुमार बिंदल ने रक्तदान के महत्व पर दिया संदेश, श्री हनुमान बालाजी मंदिर में 237 यूनिट रक्त संग्रह

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर 2026 : जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक संसाधन जुटाने की दिशा में श्री हनुमान बालाजी मंदिर, विवेक विहार में 63वां रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 237 यूनिट रक्तदान किया। मंदिर में वर्ष 2001 से चल रही इस पहल के माध्यम से मरीजों की सहायता करने और समाज में स्वैच्छिक रक्तदान की संस्कृति को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन के दौरान जीटीबी अस्पताल, दिल्ली की लगभग 25 सदस्यीय चिकित्सकीय टीम ने रक्त संग्रह की जिम्मेदारी निभाई।

मंदिर के अध्यक्ष सनातनी विनोद कुमार बिंदल ने कहा कि रक्तदान जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करने और मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर है। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, शल्य चिकित्सा और आपातकालीन उपचार में रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे समय में रक्तदाताओं का योगदान मरीजों के उपचार में सहायक होता है। उन्होंने समाज के लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि रक्त का पूर्ण कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है और रक्त से प्राप्त घटकों का उपयोग अलग-अलग मरीजों की जरूरत के अनुसार किया जा सकता है। इसलिए रक्तदान स्वास्थ्य सेवाओं की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे चिकित्सकीय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए और पात्रता सुनिश्चित करने के बाद ही रक्तदान करें।

सनातनी विनोद कुमार बिंदल ने बताया कि मंदिर में रक्तदान के लिए किसी पर दबाव नहीं बनाया जाता। श्रद्धालु अपनी इच्छा से शिविर में शामिल होकर रक्तदान करते हैं। रक्त संग्रह से पहले आवश्यक चिकित्सकीय जांच की जाती है। जिन व्यक्तियों का हीमोग्लोबिन निर्धारित स्तर से कम होता है या जो अन्य स्वास्थ्य मानकों के अनुसार पात्र नहीं होते, उनसे रक्त नहीं लिया जाता। सुरक्षित रक्तदान के लिए निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है।

उन्होंने बताया कि मंदिर में हर साल तीन बार रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते हैं। जून महीने में कई बार 250 से 350 यूनिट तक रक्त एकत्रित हो जाता है। आगामी शिविर 14 फरवरी 2027 को आयोजित करने की योजना है। मंदिर परिवार भविष्य में भी इस अभियान को जारी रखकर जरूरतमंद मरीजों की सहायता करने और लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने का प्रयास करेगा।

आयोजन के दौरान सहयोग करने वाले सभी रक्तदाताओं, चिकित्सकों, तकनीशियनों, मंदिर के सेवकों और अन्य सहयोगियों के प्रति सनातनी विनोद कुमार बिंदल ने आभार जताया। उन्होंने श्रद्धालुओं से आगामी शिविरों में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि जो लोग स्वास्थ्य कारणों से रक्तदान नहीं कर सकते, वे भी रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सामूहिक भागीदारी और सेवा भावना के जरिए रक्तदान अभियान को और मजबूत बनाया जा सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button