दिल्ली-एनसीआर में कोहराम मचाने वाला एक लाख का इनामी कुख्यात बदमाश धर्मेंद्र बावरिया गाजियाबाद में पुलिस मुठभेड़ में ढेर

गाजियाबाद: दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में चोरी, लूट और सनसनीखेज डकैती की वारदातों को बेखौफ होकर अंजाम देने वाले कुख्यात अपराधी धर्मेंद्र बावरिया को गाजियाबाद पुलिस ने बुधवार की देर शाम आमने-सामने की भीषण मुठभेड़ में मार गिराया है। यह सफल एनकाउंटर निवाड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत गंग नहर के पास हुआ, जहां दोनों तरफ से लगभग 15 राउंड से अधिक गोलियां चलाई गईं। इस खतरनाक मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की गोलीबारी से तीन पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मारे गए इस शातिर अपराधी पर पिछले काफी समय से गाजियाबाद और मेरठ पुलिस द्वारा 50-50 हजार रुपये यानी कुल एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
क्राइम यूनिट को मिली थी पुख्ता लोकेशन, गंग नहर की पटरी पर घेराबंदी कर पुलिस ने की थी दबिश
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस की विशेष क्राइम यूनिट को मुखबिर के जरिए इस बदमाश की सटीक लोकेशन निवाड़ी थाना क्षेत्र में होने की सूचना मिली थी। इनपुट यह था कि एक लाख का यह इनामी बदमाश धर्मेंद्र बावरिया (जो ‘टिड्डी’ या ‘बावरिया’ के नाम से भी कुख्यात था) गंग नहर के आसपास छिपा हुआ है। इस गोपनीय सूचना के मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम ने तुरंत हरकत में आते हुए गंग नहर की पटरी पर चारों तरफ से कड़ा पहरा बिठाकर उसकी घेराबंदी कर ली। खुद को पुलिस से पूरी तरह घिरा हुआ देखकर इस शातिर बदमाश ने पहले तो भागने का प्रयास किया, लेकिन जब रास्ता नहीं मिला तो उसने पुलिस दल पर सीधे अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने भी त्वरित जवाबी कार्रवाई की, जिसमें यह बदमाश मारा गया।
मुठभेड़ के दौरान क्राइम ब्रांच के तीन जांबाज पुलिसकर्मी हुए घायल, अस्पताल में चल रहा है इलाज
गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस आमने-सामने की जोरदार फायरिंग में क्राइम ब्रांच में तैनात तीन पुलिसकर्मी—विनीत, अमित और हिमांशु घायल हो गए हैं। सभी घायलों को तुरंत प्रभाव से बेहतर इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि यह पूरा सफल ऑपरेशन एडिशनल डीसीपी क्राइम पीयूष सिंह के कुशल नेतृत्व में तथा क्राइम ब्रांच के प्रभारी अनिल राजपूत की टीम द्वारा अंजाम दिया गया है। डीसीपी क्राइम पीयूष सिंह के अनुसार, मूल रूप से अमरोहा का रहने वाला यह बदमाश अपने एक बड़े आपराधिक गैंग का संचालन करता था, जिसके सदस्य एनसीआर के विभिन्न जिलों में सुनसान मकानों को निशाना बनाकर चोरी, लूट और डकैती जैसी वारदातों को अंजाम देते थे।
गाजियाबाद, मेरठ और बागपत समेत कई जिलों की पुलिस को पिछले एक साल से थी इस शातिर की तलाश
पुलिस के उच्च अधिकारियों के मुताबिक, इस अपराधी की धरपकड़ के लिए गाजियाबाद के अलावा बागपत, मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर समेत कई अन्य जिलों की पुलिस पिछले एक साल से दिन-रात जुटी हुई थी। इसके आतंक और आपराधिक इतिहास को देखते हुए गाजियाबाद और मेरठ कमिश्नरेट पुलिस ने इस पर 50-50 हजार रुपये का भारी इनाम घोषित किया था। पिछले साल ही इसी बदमाश ने निवाड़ी थाना क्षेत्र में एक घर में डकैती डालने की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था। उस दौरान जब मकान मालिक ने जागकर इसका विरोध किया था, तो इस शातिर ने निडर होकर उन पर भी जानलेवा हमला कर दिया था, जिसके बाद से यह पुलिस की हिट लिस्ट में सबसे ऊपर चल रहा था।





