दिल्ली के व्यापारियों ने राहुल गांधी को लिखा पत्र, दिवाली के सीजन में 1 नवंबर की महारैली को स्थगित करने की लगाई गुहार

नई दिल्ली: त्योहारी सीजन के इस पीक समय में राजधानी दिल्ली के व्यापारी वर्ग की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। आए दिन होने वाले राजनीतिक प्रदर्शनों और रैलियों के कारण कारोबार पर पड़ने वाले बुरे असर को लेकर व्यापार जगत मुखर हो गया है। आगामी 1 नवंबर को कांग्रेस की अगुवाई में ‘इंडिया गठबंधन’ द्वारा दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में एक बड़ी महारैली का आयोजन किया जाना है। इस प्रस्तावित रैली के कारण दिवाली के ठीक मुहाने पर बिजनेस को होने वाले भारी नुकसान की आशंका से व्यापारी खासे तनाव में हैं। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली के व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन ‘चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को एक खुला पत्र भेजकर यह महारैली दिवाली के बाद तक टालने का अनुरोध किया है।
CTI ने राहुल गांधी से मांगा 20 मिनट का समय, रामलीला मैदान के आसपास के 20 बड़े बाजारों के प्रतिनिधि करना चाहते हैं चर्चा
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन बृजेश गोयल की ओर से राहुल गांधी को भेजे गए पत्र में यह प्रस्ताव रखा गया है कि रामलीला मैदान के बिल्कुल नजदीक स्थित 20 बड़े होलसेल बाजारों के 20 व्यापारी प्रतिनिधि उनसे मुलाकात करना चाहते हैं। इसके लिए व्यापारियों ने राहुल गांधी से केवल 20 मिनट का समय मांगा है, ताकि वे अपनी व्यावहारिक और आर्थिक परेशानियों को उनके सामने सीधे तौर पर रख सकें।
’10 लाख लोगों के आने से व्यापार बढ़ेगा या घटेगा, 20 मिनट की चर्चा में हो जाए दूध का दूध और पानी का पानी’
व्यापारिक संगठन CTI ने अपने पत्र में बहुत ही दिलचस्प और तार्किक प्रस्ताव रखते हुए कहा है कि यदि 20 मिनट की इस मुलाकात में राहुल गांधी व्यापारियों को यह संतुष्ट कर देते हैं कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों के जुटने वाली इस महारैली से दिल्ली के कारोबारियों का व्यापार बढ़ेगा और ग्राहकों की संख्या में इजाफा होगा, तो CTI न केवल अपना विरोध तत्काल प्रभाव से वापस ले लेगा, बल्कि इस रैली का गर्मजोशी से स्वागत भी करेगा। इसके विपरीत, यदि 20 व्यापारी मिलकर उन्हें यह समझाने में कामयाब हो जाते हैं कि इस आयोजन से रामलीला मैदान के दायरे में आने वाले 20 प्रमुख होलसेल बाजारों को अरबों रुपए का नुकसान झेलना पड़ेगा, तो विपक्ष को जनहित और व्यापारियों के हित को देखते हुए इस रैली को दिवाली के बाद तक के लिए टाल देना चाहिए।
रामलीला मैदान से जुड़े वे 20 प्रमुख होलसेल बाजार, जिन पर मंडरा रहा है सबसे बड़ा आर्थिक संकट
CTI चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह का टकराव नहीं चाहते, बल्कि केवल सार्थक संवाद के पक्षधर हैं। जिन 20 बड़े होलसेल बाजारों के प्रतिनिधि राहुल गांधी से मिलना चाहते हैं, वे सभी रामलीला मैदान से लगभग एक से पांच किलोमीटर के दायरे के भीतर आते हैं और इस रैली के दिन वहां कारोबार के पूरी तरह ठप होने की पूरी आशंका है। इन प्रभावित होने वाले बाजारों में मुख्य रूप से निम्नलिखित 20 नाम शामिल हैं:
-
चांदनी चौक (जनरल रिटेल मार्केट)
-
भागीरथ पैलेस (एशिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक मार्केट)
-
खारी बावली (एशिया की सबसे बड़ी मसाला और ड्राई फ्रूट मंडी)
-
सदर बाजार (देश की सबसे बड़ी जनरल होलसेल मार्केट)
-
चावड़ी बाजार (पेपर और हार्डवेयर मार्केट)
-
कश्मीरी गेट (ऑटो पार्ट्स मार्केट)
-
नबी करीम (होजरी और गारमेंट्स मार्केट)
-
करोल बाग (गारमेंट और ज्वेलरी हब)
-
अजमेरी गेट (मशीनरी और इलेक्ट्रिकल बाजार)
-
दरियागंज (किताब और स्टेशनरी मार्केट)
-
नई सड़क (किताब और शादी कार्ड मार्केट)
-
किनारी बाजार (शादी का सामान और लेस-लटकन मार्केट)
-
दरीबा कलां (ज्वेलरी मार्केट)
-
फतेहपुरी (दाल और किराना होलसेल मंडी)
-
नया बाजार (देश की सबसे बड़ी अनाज मंडी)
-
फिल्मिस्तान (फर्नीचर और टिम्बर मार्केट)
-
पहाड़गंज (होटल सप्लाई और जनरल मार्केट)
-
गफ्फार मार्केट (मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट)
-
जामा मस्जिद/मीना बाजार (क्रॉकरी और डेकोरेशन मार्केट)
-
लाजपत राय मार्केट (इलेक्ट्रॉनिक्स होलसेल मार्केट)
व्यापारियों का भावनात्मक संदेश: ‘राहुल जी, नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलिए, पर दिवाली के बाजार में इसे बंद मत करवाइए’
पत्र के अंत में व्यापारियों ने अपनी बात बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली ढंग से रखते हुए लिखा, “राहुल जी, आप अक्सर कहते हैं कि आप ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’ खोलते हैं, हम आपके इस विजन का सम्मान करते हैं, लेकिन कृपया करके इस दिवाली के बाजार में कारोबार की मोहब्बत की दुकान को बंद मत करवाइए। आपकी इस मोहब्बत का असली चेहरा और आधार तो हम व्यापारी ही हैं, जो देश की आर्थिकी को चला रहे हैं।” CTI को पूरी उम्मीद है कि कांग्रेस नेता व्यापारियों की इस वाजिब पुकार को सुनेंगे और आगामी 1 नवंबर की प्रस्तावित महारैली के संदर्भ में विचार-विमर्श करने के लिए उन्हें अपनी व्यस्तता से कम से कम 20 मिनट का बहुमूल्य समय जरूर प्रदान करेंगे।





