परिवार को मिले बीमा का 1 करोड़ रुपया, कारोबारी ने अपने ही मर्डर की दी सुपारी

दिल्ली के पटपड़गंज से लापता कारोबारी गौरव बंसल का शव 9 जून को रणहौला में एक पेड़ से लटका मिला था। पुलिस ने इस मर्डर की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस भी इस पूरे मामले की सच्चाई जानकर हैरान रह गई। पुलिस ने कारोबारी के मर्डर की गुत्थी को सुलझाते हुए एक नाबालिग समेत चार आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस ने बताया कि मृतक कारोबारी गौरव बंसल कर्ज में डूबे थे। उन्होंने अपना काफी बड़ा इंश्योरेंस करवाया था। आर्थिक संकट से बाहर आने के लिए कारोबारी के मन में एक आइडिया आया। असने अपना ही मर्डर कराने की योजना बनाई ताकि उसके मरने बाद इंश्योरेंस की रकम परिवार को मिल जाए। कारोबारी ने अपनी मौत की सुपारी सोशल मीडिया पर मिले एक नाबालिग को दी।
नाबालिग ने अपने ती साथियों को मर्डर के लिए अपने साथ जोड़ा। प्लान के हिसाब से गौरव बंसल खुद का मर्डर कराने के लिए रणहौला पहुंचा जहां एक शख्स ने पहले उसके हाथ बांधे और फिर चारों ने हत्या करके पेड़ पर लटका दिया। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी ने अपनी हत्या के लिए नाबालिग को 90 हजार रुपए दिए थे। पुलिस को 10 जून को कारोबारी की हत्या की सूचना मिली तो गहनता से जांच की गई तो पुलिस ने सबसे पहले सूरज नाम के शख्स को हिरासत में लिया। उसने पुलिस के सामने सारी सच्चाई बता दी कि उसने एक नाबालिग के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
नाबालिग आरोपी ने बताया कि वह फेसबुक पर कुछ दिन पहले ही गौरव बंसल के संपर्क में आया था। उसने खुद ही अपने मर्डर की सुपारी दी थी। मृतक ने मरने से पहले ही पैसे देने का ऑफर दिया था। जानकारी के मुताबिक कारोबारी का एक से डेढ़ करोड़ का इंश्योरेंस रहा होगा।वहीं पुलिस का दावा है कि कारोबारी ने पहले कुदकुशी की प्लान बनाया था लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पाए तो मर्डर की योजना बनाई।






