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LAC पर भारत-चीन तनाव पर अमेरिका की पैनी नजर, ड्रैगन को फिर दी सख्त चेतावनी

वाशिंगटनः वास्तविक नियंत्रण सीमा (LAC) पर भारत और चीन के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही है। सीमा पर चीन द्वारा भारत को उकसाने वाले कदम उठाने पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस मामले पर उनकी पैनी नजर है और वे इसकी गहन निगरानी कर रहे हैं और शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि बीजिंग अपने पड़ोसियों और बाकी देशों से लगातार बहुत ही आक्रामक तरीके से उलझने की कोशिश कर रहा है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ताइवान स्ट्रेट से शिनजियांग, साउथ चाइना सी से हिमालय तक, साइबर स्पेस से लेकर इंटल ऑर्गनाइजेशन तक, हम चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ काम कर रहे हैं, जो अपने ही लोगों को दबाना चाहती है और अपने पड़ोसियों को धमकाना चाहती है। उन्होंने ड्रैगन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि केवल इन उकसावों को रोकने का एक तरीका है बीजिंग के खिलाफ खड़ा होना। पोम्पिओ ने कहा, ‘हम भारत-चीन सीमा पर स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

चीन पर निशाना साधते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि ताइवान जलडमरूमध्य से लेकर हिमालय और उससे आगे तक, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी अपने पड़ोसियों को धमकाने के एक स्पष्ट और गहन पैटर्न में लगी हुई है। इसके साथ ही यह तरीका साउथ चाइना सी में भी अपना रही है।’ माइक पोम्पिओ ने दावा किया कि पिछले वर्ष सभी पश्चिमी देशों की तुलना में चीन में अधिक मिसाइल परीक्षण किए गए थे। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में जून के मध्य में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक टकराव के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते और खराब हो गए थे। इस टकराव में भारत के 20 जवानों ने शहादत दी थी, जबकि चीन के भी कई सैनिक मारे गए थे। इसके बाद, फिर से पिछले महीने चीनी सैनिकों ने उकसावेपूर्ण कार्रवाई की, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया।

बता दें कि 1 सितंबर को चीनी सेना के लगभग 7 से 8 भारी वाहनों ने अपने चेपूजी शिविर से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के भारतीय हिस्से की ओर प्रस्थान किया था। इससे पहले भारतीय सेना ने चीनी सेना द्वारा 29 और 30 अगस्त की मध्य रात्रि को लद्दाख के चुशुल के पास पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी तट के पास भारतीय इलाकों में घुसने का प्रयास नाकाम किया था। बता दें कि भारतीय सुरक्षा बल एलएसी के साथ-साथ सभी क्षेत्रों में हाई अलर्ट पर हैं।

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