ब्रेकिंग
ISIS Voice of Hind Case: एनआईए कोर्ट ने आईएसआईएस साजिश मामले में उमर निसार समेत चार को सुनाई जेल की ... Weather News in Hindi: उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक, कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तू... Bhopal Khanugaon Riyaz Manzil Dispute: शत्रु संपत्ति कार्रवाई में नया मोड़, 25 नोटिसधारियों ने एसडीए... Sheopur Broad Gauge Line: बीरपुर-सिरोनी रोड के बीच 24 किमी रेलखंड का सीआरएस निरीक्षण, जल्द दौड़ेगी ट... Palasia Indore Builder Death: ऑफिस के कैमरे से हार्डडिस्क गायब और मोबाइल पर पैटर्न लॉक, पुलिस खंगाल ... Gold Rate Today India: सोना और चांदी की कीमतों में बदलाव, जानिए महानगरों और मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के... Jantar Mantar Protest: दिल्ली में SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ MCIM का बड़ा प्रदर्शन, कई सांसद होंगे श... BJP News: 'सार्वजनिक जीवन में रखें शुचिता', पार्टी नेताओं को महंगे तोहफों से बचने की सलाह; चुनावी रा... Hyderabad Crime: मणिकोंडा के फ्लोटिला अपार्टमेंट में 'चड्डी गैंग' का धावा, महिला पर हमला कर लाखों की... Mumbai Illegal Construction: मुंबई में 14 फीट से ऊपर बने मकानों पर घमासान, कांग्रेस और शिवसेना UBT न...
देश

पीएम मोदी ने कहा, कोरोना से दिखा ग्लोबल सप्लाई चेन का एक स्त्रोत पर निर्भरता का खतरा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन के साथ वर्चुअल द्विपक्षीय बैठक के दौरान कहा कि कोरोना महामारी ने ग्लोबल सप्लाई चेन (वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला) के एक स्त्रोत पर अत्यधिक निर्भरता के खतरे को उजागर कर दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने के लिए आस्ट्रेलिया और जापान के साथ मिलकर काम कर रहा है और इस पहल में समान विचारधारा वाले देशों का स्वागत है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों के घटनाक्रमों से पता चलता है कि पारदर्शिता, लोकतांत्रिक मूल्यों और नियम आधारित व्यवस्था में विश्वास करने वाले देशों का मिलकर काम करना जरूरी है।

कहा, वैक्सीन के विकास में मिलकर काम करें समान विचारधारा वाले देश

वैक्सीन के विकास में ऐसे देशों के सहयोग से कोरोना महामारी से निपटने में भी मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने इस दौरान सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के साथ-साथ कृषि, कर और श्रम क्षेत्र में किए गए सुधारों का भी जिक्र किया। करीब एक घंटे चली बैठक के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को हरित रणनीतिक साझीदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया। इसका मकसद नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग के उल्लेखनीय विस्तार के लिए ढांचा तैयार करना है।

उन्‍होंने कहा कि मैं आपको अपनी शादी की बधाई देता हूं। उन्‍होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि जल्द ही कोरेाना वायरस की स्थिति सुधरने के बाद हमें आपके और आपके परिवार का भारत में स्वागत करने का मौका मिलेगा। मुझे यकीन है कि आपकी बेटी को फिर से भारत आने के लिए उत्सुक होना चाहिए।

डेनमार्क की पीएम मेटे फ्रेडरिकसेन ने कहा कि ‘मेरे परिवार को बधाई के लिए बहुत बहुत धन्यवाद। मेरी बेटी एक बार फिर भारत आना पसंद करेगी और मेरे परिवार का भी यही कहना है। उन्‍होंने कहा कि आज का शिखर सम्मेलन हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक मील का पत्थर है। हमें गर्व है कि जलवायु परिवर्तन की बात आते ही भारत डेनमार्क की तरफ देखता है।’ दोनों देशों ने काफी समय से लंबित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर विचार-विमर्श किया। बैठक में पुरुलिया में हथियार गिराने के मामले के साजिशकर्ता किम डेवी के प्रत्यर्पण का मामला भी उठा।

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार,  द्विपक्षीय समिट  (External Affairs Ministry)  से दोनों देशों के बीच परस्पर संबंध को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

भारत व डेनमार्क के बीच 400 साल पुराना ऐतिहासिक और करीब 70 साल पुराना राजनयिक संबंध है। करीब 5 हजार भारतीय पेशेवर डेनमार्क की (Danish) दिग्गज कंपनियों  में काम कर रहे हैं । साथ ही वहां दशकों से 20 भारतीय आइटी कंपनियां मौजूद हैं।

Related Articles

Back to top button