ब्रेकिंग
HCL मलाजखंड और आईआईटी कानपुर की SATHEE पहल ने मलाजखंड में आयोजित किया करियर काउंसलिंग एवं जागरूकता स... गाजियाबाद में निषाद पार्टी का कार्यक्रम, काफी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल कवर्धा में फर्जी डिजिटल पेमेंट का भंडाफोड़: फर्जी रिसीविंग दिखाकर नकद राशि ऐंठने वाले गिरोह पर एक्शन Bhilai News: भिलाई सेक्टर-2 में गटर की सफाई के दौरान मिला नवजात का शव, इलाके में सनसनी; जांच में जुट... Barwani News: बिजासन घाट में शिमला मिर्च से भरे मिनी ट्रक में लगी भीषण आग, कूदकर बची ड्राइवर की जान;... लाठीचार्ज के बाद भड़के डॉक्टर्स, सीनियर रेजिडेंट्स ने किया OPD का बहिष्कार; JDA का समर्थन MP High Court on Dacoity Act: जब प्रदेश में डकैत ही नहीं तो 45 साल पुराना एक्ट क्यों? हाईकोर्ट ने DG... भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर: कमला पार्क में धरना जारी, मिला कांग्रेस का... रतलाम में मॉडिफाइड साइलेंसरों पर गरजा पुलिस का बुलडोजर: 108 साइलेंसर कुचले, ₹1 लाख का जुर्माना वसूला Gwalior Achaleshwar Mandir: अचलेश्वर महादेव मंदिर की दानपेटी से निकली अनोखी चिट्ठियां, भक्त बोला- 'क...
देश

RAISE 2020: पीएम मोदी बोले, आपदा प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत बनाने के लिए किया जा सकता है AI का प्रयोग

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) पर आयोजित एक ग्लोबल समिट को संबोधित किया। संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस के साथ मनुष्य का टीम वर्क इस ग्रह के लिए काफी कुछ कर सकता है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि भारत आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का हब बने। कई भारतीय अभी इसपर काम कर रहे हैं, मुझे उम्मीद है कि आने वाले वक्त में और भी लोग इससे जुड़ेंगे। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मैं कृषि, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा के साथ-साथ अगली पीढ़ी के शहरी बुनियादी ढांचे का निर्माण करने और ट्रैफिक जाम को कम करने, सीवेज सिस्टम में सुधार जैसे शहरी मुद्दों को संबोधित करने में एआई के लिए एक बड़ी भूमिका देखता हूं। इसका उपयोग हमारी आपदा प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत बनाने के लिए किया जा सकता है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमने ‘रिस्पॉन्सिबल आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस फॉर यूथ’ इसी साल अप्रैल में लॉन्च किया है। इसके तहत स्कूलों के 11,000 छात्रों ने बेसिक कोर्स पूरा किया। अब वे आर्टफिशयल इंटेलिजेंस से जुड़े प्रोजेक्ट तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत हाल में नई एजुकेशन पॉलिसी लेकर आया है। इसमें टेक्नॉलजी बेस्ट लर्निंग और स्किल तैयार करने पर काफी फोकस है। कई क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों में ई-कोर्स तैयार किए जाएंगे

इक्विटी और डिलीवरी करने की बहुत अधिक संभावनाएं

पीएम मोदी ने कहा कि यह कार्यक्रम आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस पर चर्चा के लिए अच्छा प्रयास है। आपलोगों ने अच्छी तरह से तकनीक और मानव को सशक्त करने से जुड़े बेहतरीन पहलू सुझाए हैं। वहीं, इस दौरान केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का स्वागत करते हैं, क्योंकि इसमें विकास उत्पन्न करने और आगे इक्विटी और डिलीवरी करने की बहुत अधिक संभावनाएं हैं।

9 अक्टूबर तक चलेगा यह सम्मेलन

बता दें कि इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और नीति आयोग द्वारा आयोजित यह शिखर सम्मेलन 9 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एआइ का इस्तेमाल बढ़ाने के तरीकों पर किया जाएगा विचार। यह शिखर सम्मेलन विचारों का आदान-प्रदान करने और स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में स्मार्ट गतिशीलता जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सामाजिक सशक्तिकरण, समावेश और परिवर्तन के लिए एआई का उपयोग करने के लिए पाठ्यक्रम का आदान-प्रदान करने के लिए विचारों की एक वैश्विक बैठक होगी।

गौरतलब है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अर्थ है एक मशीन में सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को कंप्यूटर साइंस का सबसे उन्नत रूप माना जाता है और इसमें एक ऐसा दिमाग बनाया जाता है, जिसमें कंप्यूटर सोच सके और कंप्यूटर का ऐसा दिमाग, जो इंसानों की तरह सोच सके।

Related Articles

Back to top button