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गुजरात के पूर्व सीएम केशुभाई पटेल का निधन

अहमदाबाद। गुजरात के पूर्व मुख्‍यमंत्री केशुभाई पटेल का निधन हो गया है। वीरवार सुबह सांस लेने में तकलीफ होने के बाद केशुभाई पटेल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। वे 92 वर्ष के थे। केशुभाई पटेल ने दो बार गुजरात के मुख्‍यमंत्री का पद संभाला, वह 1995 और 1998 में राज्‍य की मुख्‍यमंत्री चुने गए। केशुभाई पटेल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व भाजपा के वरिष्ठ नेता केशुभाई कई दशक से राजनीतिक व सामाजिक जीवन में सक्रिय थे। 2014 में केशुभाई पटेल ने राजनीति से सन्यास की घोषणा की थी।

बता दें कि बीते महीने केशुभाई कोरोना संक्रमित भी पाए गए थे। मिली जानकारी के मुताबिक वह गांधीनगर में सरकारी बंगले में रहते थे, बीते दिनों कोरोना पॉजिटिव पाये जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें अस्तपाल में भर्ती होने की सलाह दी थी । 92 वर्षीय केशुभाई का उनके परिवार के लोगों ने रैपिट एंटीजन टेस्ट करवाया था जिसमें वे संक्रमित पाये गए थे। उससे कुछ समय पहले ही पूर्व मुख्‍यमंत्री की बायपास सर्जरी भी हुई थी। इसके अलावा वे प्रोस्टेट कैंसर से भी पीडि़त थे। हाल ही में केशुभाई पटेल का CT स्कैन टेस्‍ट और RT-PCR टेस्ट भी करवाया गया था।

कौन थे केशुभाई पटेल

जनसंघ के संस्‍थापक सदस्‍यों में से एक केशुभाई पटेल उन लोगों से थे जिन्‍होंने अपने दम पर गुजरात में भाजपा को खड़ा किया था। केशुभाई के नेतृत्व में ही गुजरात में पहली बार भाजपा की सरकार बनी थी और केशुभाई मुख्‍यमंत्री चुने गए थे। लेकिन लगातार गिरते स्‍वास्‍थ्‍य के चलते उनकी सक्रिय राजनीति से दूरी बढ़ती चली गई। धीरे-धीरे भाजपा से उनके रिश्‍तों में खटास आती चली गई। पहली बार मुख्यमंत्री चुने जाने के सात माह बाद ही शंकरसिंह वाघेला के साथ हुए विवाद के कारण उन्‍हें पद से इस्‍तीफा देना पड़ा।

इसके बाद 1998 में उन्‍हें फिर से मुख्यमंत्री का पद मिला लेकिन 2001 में उन्होंने पद छोड़ दिया। भ्रष्टाचार और भुज में आए भूकंप के दौरान कुप्रबंधन के चलते उन्‍हें अपने पद से इस्‍तीफा देना पड़ा था। इसके बाद पार्टी से उनके रिश्‍तों में और कड़वाहट आ गई, उन्‍होंने 2002 में चुनाव भी नहीं लड़ा। 2012 में उन्‍होंने पार्टी से इस्‍तीफा दे दिया और अलग पार्टी का निर्माण किया परंतु 2014 में वह फिर भाजपा में जुड़ गए।

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