ब्रेकिंग
Deep Narayan Singh Yadav: सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव की बढ़ी मुश्किलें, लखनऊ-झांसी में... Narmada Award Dispute: 4 राज्यों के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता, अमित शाह की मौजूदगी में सुलझा सालों पुर... Alliance Reality Show: कुशाल टंडन से भिड़ीं उर्फी की बहन डॉली जावेद, शो में मचा बवाल Monsoon Car Care Tips: बारिश में अपनी कार को जंग और हादसों से कैसे बचाएं? अपनाएं ये आसान टिप्स Ram Mandir Trust: SBI खातों के संचालन के लिए 3 सदस्यीय समिति गठित, बिना हस्ताक्षर नहीं निकलेगा पैसा PM Modi in Indonesia: 'भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी', इंडोनेशिया की संसद में पीएम मोदी ने पेश किया 'गंगा-म... Welcome to the Jungle Budget: 250 करोड़ नहीं, डायरेक्टर अहमद खान ने बताया फिल्म का असली बजट Ramayana Movie Rights: करण जौहर ने 250 करोड़ में खरीदे 'रामायण' के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स, दिवाली पर ... Prabhas Fauzi Update: प्रभास की 'फौजी' में होगा हाई-वोल्टेज एक्शन, 10 जुलाई से शुरू होगी इंटरवल सीन ... Akshay Kumar 2016 Movies: 'एयरलिफ्ट' से 'रुस्तम' तक, जब अक्षय कुमार ने 8 महीने में दी थीं लगातार 3 स...
देश

विवादित ढांचा विध्वंस मामले में फैसला देने वाले पूर्ज जज की नहीं बढ़ेगी सुरक्षा, SC ने किया इन्कार

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने विवादित ढांचा विध्वंस मामले में फैसला सुनाने वाले पूर्व न्यायाधीश एसके यादव (Sk Yadav) को मिली सुरक्षा बढ़ाने से इन्कार कर दिया है। पूर्व न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने मामले में सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया था, जिनमें भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी, एमएम जोशी और उमा भारती शामिल का नाम था।

न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और कृष्ण मुरारी की अध्यक्षता वाली पीठ पूर्व न्यायाधीश के अनुरोध पर विचार कर रही थी। जिसमें अपने कार्यकाल के अंतिम दिन उन्होंने मामले की संवेदनशीलता के मद्देनजर अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को बढ़ाने का अनुरोध किया था। इश दौरान पीठ ने कहा, ‘हम सुरक्षा बढ़ाना उचित नहीं समझते हैं।’

30 सितंबर को विशेष अदालत ने मामले में सभी 32 आरोपियों को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि कोई निर्णायक सबूत नहीं है कि वे अयोध्या में विवादित ढांचे को गिरान के लिए किसी भी साजिश का हिस्सा थे। विवादित ढांचे को 6 दिसंबर, 1992 को कारसेवकों द्वारा ध्वस्त कर दिया गया था।

पिछले साल, शीर्ष अदालत की पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने फैसला सुनाते हुए 2.77 एकड़ भूमि पर राम मंदिर के निर्माण के लिए ट्रस्ट को सौंपने का फैसला सुनाया था। हालांकि शीर्ष अदालत ने मस्जिद बनाने के लिए भी अयोध्या में एक अन्य स्थल पर पांच एकड़ भूमि के आवंटन का भी आदेश दिया था।

Related Articles

Back to top button