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सीमा पर तनाव बढाकर चीन खो रहा भारत के लोगों की सद्भावना : जयशंकर

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में सीमा पर चीन के साथ सात महीने से जारी तनाव में भारत का इम्तिहान लिया जा रहा है, लेकिन देश राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों का मुकाबला करेगा। वास्तविक नियंत्रण रेखा ([एलएसी)] पर घटनाओं को बेहद परेशान करने वाली बताते हुए उन्होंने कहा कि जो कुछ हुआ वह चीन के हित में नहीं है क्योंकि इनसे भारत में उसके प्रति वह सद्भावना खोने की संभावना है जो हालिया दशकों में सावधानीपूर्वक विकसित की गई थी।

इन संबंधों को विकसित करने में दोनों ओर से काफी मेहनत की गई थी। विदेश मंत्री ने कहा कि इन घटनाओं ने कुछ बेहद बुनियादी चिंताओं को उठाया है क्योंकि दूसरे पक्ष ने एलएसी का सम्मान करने और वहां सेना नहीं ले जाने संबंधी समझौतों का पालन नहीं किया।

फिक्की की वाषिर्षक आमसभा में एक संवाद सत्र में हिस्सा लेते हुए विदेश मंत्री ने चीन के साथ गतिरोध के समाधान के लिए कोई पूर्वानुमान लगाने से इन्कार कर दिया। जयशंकर ने कहा, ‘मैं यह भी मानता हूं कि जो कुछ हुआ है वह वास्तव में चीन के हित में नहीं है। उसने जो कुछ किया है उसने लोगों ([भारत के)] की भावनाओं पर खासा असर डाला है।

पेशेवर रूप से मैंने उस बदलते दौर को देखा है कि भारत के लोग पिछले कई दशकों के दौरान चीन के बारे में कैसा महसूस करते रहे हैं और मेरी उम्र इतनी है कि उन कहीं ज्यादा कठिन दिनों को याद कर सकूं, खासकर मेरे बचपन और किशोरावस्था के समय को।’

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