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गणतंत्र दिवस पर कृषि कानून वापस लेने का भाजपा के पास मौका: अखिलेश

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के पास गणतंत्र दिवस के मौके पर कृषि कानून को वापस लेने का बेहतरीन मौका है। यादव ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केन्द्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के गणतंत्र दिवस के मौके पर एक मौका है कि जब वह कृषि कानून को वापस ले सड़कों पर डटे किसानों के आंदोलन को विराम दे। वास्तविकता यह है कि भाजपा का खेती किसानी से कोई रिश्ता नहीं है, उनका रिश्ता सिर्फ बाजार से है, जिसके जरिए वह पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना चाहती है। वहीं दूसरी ओर उनकी पार्टी का लगभग हर कार्यकर्ता किसान है और यही कारण है कि वह किसानो का दर्द समझते है और उनके आंदोलन में साथ है।

वेब सीरीज ‘तांडव’ को लेकर उन्होने कहा कि वेबसीरीज के विरोध की आड़ में भाजपा सरकार बेरोजगारी, किसान आंदोलन जैसे ज्वलंत मुद्दो से जनता का ध्यान हटाना चाहती है। यह सच है कि लॉकडाउन के दौरान ओटीपी प्लेटफार्म खासी लोकप्रिय हुआ है। एमेजान जैसी विदेशी कंपनियों को यह मौका भाजपा की सरकारों ने दिया। उसके स्वदेशी आंदोलन का क्या हुआ। उसने तो सब कुछ विदेशी हाथों में दे दिया। देश में तिलहन, दलहन को प्रोत्साहन देने की जगह विदेशों से पॉम आयल का आयात किया जा रहा है जबकि सरसों का समर्थन मूल्य किसानों को नहीं मिलता है। विदेशी लूट जारी है। यही भाजपा की सरकार की देन है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में राजनीतिक हस्तक्षेप उचित नहीं है। विश्वविद्यालयों का राजनीतिकरण हो रहा है। एक विशेष विचारधारा के संगठन को बढ़ावा दिया जा रहा है। युवाओं पर एनएसए तक लगाया जा रहा है। पढ़ाई रोज-ब-रोज मंहगी होती जा रही है। शिक्षा के निजीकरण से संकट है। गुणवत्तापरक शिक्षा कहां मिल रही है। बिना तैयारी के आनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गई। गरीब बच्चे पढ़ नहीं पा रहे है।

यादव ने कहा कि भाजपा झूठ बोलने और समाज में नफरत फैलाने वाली पार्टी है, भाजपा से किसान, नौजवान सभी दु:खी है। भाजपा ने रंग बदलने और नाम बदलने के अलावा कोई काम नहीं किया है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश अपराध, भ्रष्टाचार, साम्प्रदायिकता, बेरोजगारी, खराब शिक्षा, चौपट स्वास्थ्य व्यवस्था, किसानों की फसलों की लूट, नाबालिग बच्चियों और महिलाओं से बलात्कार, हत्या, फर्जी एनकाउण्टर आदि में नम्बर एक पर है। भाजपा प्रदेश को जाने किस दिशा में ले जा रही है। उन्होंने कहा कि गन्ने का बकाया भुगतान नहीं हुआ। सपा की सरकार में 2012 से 2017 के बीच भाजपा द्वारा चीनी मिल बिकने का आरोप बेबुनियाद है। इस अवसर पर यादव ने बड़ी संख्या में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त नौजवानों तथा प्रबुद्ध समाज के लोगों के पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई।

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