अफजल गुरु को फांसी देने के आठ साल पूरे होने पर कश्मीर में बंद

श्रीनगर: संसद हमले के दोषी मोहम्मद अफजल गुरु को फांसी देने के आठ साल पूरे होने के अवसर पर कश्मीर में बुलाई गई बंद का मंगलवार सुबह आम जनजीवन पर असर देखने को मिला। अफजल गुरु को नौ फरवरी २०१३ को दिल्ली के तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई थी। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में मंगलवार सुबह दुकानें, पेट्रोल पंप एवं अन्य कारोबारी प्रतिष्ठान बंद दिखाई दे रहे हैं जबकि सड़कों पर सार्वजनिक यातायात भी कम हैं। निजी कार, ऑटो रिक्शा एवं कैब शहर की सड़कों पर चल रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की हड़़ताल की खबर घाटी के अन्य जिलों के मुख्यालय से मिल रही है। उन्होंने बताया कि किसी अनहोनी से बचाने के लिए शहर एवं घाटी के अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। जम्मू-कश्मी लिबरेशन फंट (जेकेएलएफ) ने पिछले हफ्ते अफजल गुरु एवं उसके संस्थापक मकबूल बट को फांसी देने की बरसी पर नौ फरवरी एवं ११ फरवरी को घाटी में आम हड़ताल की घोषणा की थी। बता दें कि मकबूल बट को ११ फरवरी १९८४ को तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी
श्रीनगर के कई इलाकों में कुछ पोस्टर लगाए गए हैं जिनमें मंगलवार एवं बृहस्पतिवार को हड़ताल का आह्वान किया गया है। माना जा रहा है कि इन्हें हुर्रियत कांफ्रेंस ने लगाया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टर किसने लगाया है उसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। इस बीच, प्रशासन ने गत वर्षों की तरह इस बार लोगों के जमा होने या इंटरनेट सेवा स्थगित करने जैसे एहतियाती कदम नहीं उठाए हैं।






