ब्रेकिंग
Defence Production: भारत के रक्षा उत्पादन ने छुई नई ऊंचाई; 1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा ... Regional Parties vs Congress: क्षेत्रीय दलों में टूट का किसे मिलेगा फायदा? भारतीय राजनीति में कांग्र... Political Shift in India: INDIA गठबंधन को बड़ा झटका; टीएमसी और शिवसेना (UBT) में टूट के बाद NDA हुआ औ... Shiv Sena UBT Crisis: संजय राउत ने बागियों को दी चेतावनी; कहा- 'इस्तीफा देकर जाएं, कार्यकर्ताओं के ख... Ayodhya Ram Mandir: दानपात्र गबन मामले पर बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान; कहा- 'बिना धुएं के आग नहीं न... Jaipur Fire Accident: पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड का मुख्य आरोपी कय्यूम खान गिरफ्तार; कचरा बीनकर बिता र... Greater Noida Police: सूर्य ग्लोबल कंपनी में शर्मनाक वारदात; दो आरोपी गिरफ्तार, ICU में भर्ती है पीड़... Regional Parties vs Congress: क्षेत्रीय दलों में टूट का किसे मिलेगा फायदा? भारतीय राजनीति में कांग्र... NEET Exam Tension: डॉक्टर बनने का सपना अधूरा; अलवर की छात्रा रेणु मीणा ने दी जान, इलाके में शोक की ल... Bihar News: छपरा-हाजीपुर फोरलेन का अधूरा पुल; 15 वर्षों से निर्माणाधीन, अब 40 करोड़ के नए ठेके से जग...
गुजरात

Ahmedabad-Dholera Rail: अहमदाबाद से धोलेरा अब सिर्फ 45 मिनट में, भारत की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड रेल को मंजूरी

अहमदाबाद: केंद्र सरकार ने गुजरात में अहमदाबाद-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड डबल लाइन रेलवे परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह भारत की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना होगी, जिसे पूरी तरह देश में विकसित तकनीक के आधार पर तैयार किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की स्वीकृति मिल चुकी है। इसकी अनुमानित लागत 20,667 करोड़ रुपए है। यह परियोजना न केवल गुजरात की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगी, बल्कि भारत के भविष्य के रेल नेटवर्क के लिए एक मॉडल के रूप में भी काम करेगी।

🛤️ 134 किलोमीटर लंबा डबल लाइन कॉरिडोर: 200 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

अहमदाबाद और धोलेरा के बीच प्रस्तावित यह रेल कॉरिडोर 134 किलोमीटर लंबा होगा। इसे डबल लाइन के रूप में तैयार किया जाएगा, ताकि यात्री और मालगाड़ियां दोनों सुचारु रूप से संचालित हो सकें। इस कॉरिडोर की डिजाइन गति 220 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि ट्रेनों का संचालन लगभग 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से किया जा सकेगा। रेल मंत्रालय के अनुसार, साबरमती से धोलेरा तक की यात्रा लगभग 48 मिनट और सरखेज से मात्र 34 मिनट में पूरी होगी।

🏭 धोलेरा SIR और एयरपोर्ट को बड़ा लाभ: औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग हब को मिलेगी गति

यह परियोजना गुजरात के महत्वाकांक्षी धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR) को अहमदाबाद से तेज और आधुनिक रेल संपर्क प्रदान करेगी। धोलेरा SIR को देश के सबसे बड़े औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, यह रेल कॉरिडोर निर्माणाधीन धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और लोथल स्थित नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स तक पहुंच को भी आसान बनाएगा। इससे उद्योग, पर्यटन और वैश्विक निवेश को भारी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

📦 माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स: उद्योगों के लिए कम होगी परिवहन लागत

यह परियोजना केवल यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि माल परिवहन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। तेज रेल संपर्क से उद्योगों को कच्चा माल और तैयार उत्पाद तेजी से भेजने में मदद मिलेगी। इससे लॉजिस्टिक्स लागत (Logistics Cost) कम होगी और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से गुजरात के पोर्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के बीच समन्वय और अधिक मजबूत होगा।

🏘️ 284 गांवों और 5 लाख आबादी को फायदा: स्थानीय रोजगार और व्यापार में होगी वृद्धि

सरकारी अनुमान के अनुसार, इस रेल परियोजना से सीधे तौर पर 284 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इन क्षेत्रों में करीब 5 लाख लोग निवास करते हैं। बेहतर परिवहन सुविधाओं से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार, छोटे व्यापार और सामाजिक विकास को भी जबरदस्त प्रोत्साहन मिलेगा। इसे प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत क्रियान्वित किया जा रहा है।

🇮🇳 भविष्य के रेल नेटवर्क का मॉडल: स्वदेशी तकनीकी क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण

अहमदाबाद-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना भारत की स्वदेशी तकनीकी क्षमता का गौरवशाली उदाहरण होगी। यह परियोजना भविष्य में देश के अन्य हिस्सों में बनने वाले सेमी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए आधार तैयार करेगी। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है, जो “मेक इन इंडिया” के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाता है।

Related Articles

Back to top button