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पेंशनरों के मामलों को जनता कांग्रेस विधानसभा में उठाएगी -अमित जोगी

रायपुर।  राज्य के पेंशनरों की समस्याओं को लेकर भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) के अध्यक्ष अमित जोगी को ज्ञापन दिया। इसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 20 वर्षों बाद भी दोनों राज्यो के बीच पेंशनरी दायित्वों का बंटवारा करने और स्टेट बैंक भोपाल स्थित सेंट्रल प्रोसेसिंग केंद्र की रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में स्थापना करने के लिए विधानसभा में ध्यानाकर्षण कर कार्यवाही करने की मांग की है।

प्रतिनिधि मंडल में भारतीय राज्य पेशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष जेपी मिश्रा, प्रदेश महामंत्री लोचन पांडेय तथा प्रदेश कोषाध्यक्ष एस के चिलमवार शामिल थे। ज्ञापन में बताया गया है कि पेंशनरों के मामले में मध्यप्रदेश सरकार पर आर्थिक निर्भरता के लिये ब्यूरोक्रेसी की लापरवाही जम्मेदार है। नौकरशाहों की वजह से राज्य विभाजन के इन 20 वर्षों के बाद भी मध्यप्रदेश के लगभग पांच लाख से अधिक पेंशनरों को छत्तीसगढ़ सरकार के खजाने से भुगतान किया जा रहा है।

अरबों रुपये के हुए नुकसान से सरकार को अंधेरे में रखने को आश्चर्यजनक है। उन्होंने पेंशनरों की आर्थिक दुर्दशा पर ब्यूरोक्रेसी के साथ साथ सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को चिंता नहीं होने को दुर्भाग्यजनक जताते हुये उन्होंने छत्तीसगढ़ निर्माण के 20 वर्षों बाद भी राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 को हटाने तथा सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल को रायपुर लाने में आज तक ध्यान नहीं देने पर चिंता जाहिर की। इन सभी मामलों पर ब्यूरोक्रेसी ही मुख्यरूप से जिम्मेदार है, इसलिए जिम्मेदारी तय कर छत्तीसगढ़ सरकार को उन पर कार्यवाही करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों पर पुनरावृत्ति न हो।

प्रतिनिधि मंडल ने अमित जोगी को अवगत कराया गया कि इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी को उनके जीवन के अंतिम पड़ाव पर पेंशनर फेडरेशन के द्वारा अवगत कराए जाने पर उन्होंने इतने लंबे अरसे से प्रकरण निराकरण नहीं होने पर आश्चर्य जताया था। उन्होंने तुरंत अपने निजी सचिव को इस पर विधानसभा के लिए मैटर तैयार करने के निर्देश दिये थे।

मगर, इस बीच वे हमारे बीच नहीं रहे और मामले का निराकरण लंबित रह गया। जनता कांग्रेस के अध्यक्ष अमित जोगी ने प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिया कि इस मामले को जनता कांगेस (जोगी) के माध्यम से विधानसभा में उठाकर निराकरण कर स्व. अजीत जोगी की भावना की पूर्ति करेगी।

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