हवाई सर्वे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भूस्खलन ने रोका सर्च अभियान

रिकांगपिओ। हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर में पहाड़ दरकने से मलबे में कई लोग दबे हैं। वीरवार सुबह 11 बजे के करीब एक बार फिर से भूस्खलन शुरू हो गया, इस कारण रेस्क्यू व सर्च आपरेशन रोक दिया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने घटनास्थल का हवाई सर्वे किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हवाई निरीक्षण के बाद घटनास्थल पर पहुंचे व रेस्क्यू व सर्च आपरेशन का जायजा लिया। उनके साथ परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर सहित अन्य नेता भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा यह क्षण मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक और भावुक करने वाले हैं। अभी तक 13 लोगों को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली है। निगुलसेरी में मलबे को देखकर उन अमूल्य जिंदगियों के बारे में सोचकर मन गम से भरा पड़ा है, जिनको हम हरसंभव प्रयास के बावजूद नहीं बचा सके, उनके परिवारों को संबल प्रदान करना हमारी प्रतिबद्धता है। सीएम ने कहा प्रभावितों के दर्द को मैं समझ सकता हूं, प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
बुधवार दोपहर बाद से रेस्क्यू आपरेशन जारी है। वीरवार सुबह तक 13 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। हादसे के बाद गायब एचआरटीसी की बस क्षतिग्रस्त हालत में सतलुज नदी के पास मिली है। बस चकनाचूर हाे चुकी है। टायर, दरवाजे सब कुछ अलग थलग पड़ा है। बस में सवार लोगों के बचने की उम्मीद बेहद कम है। बचाव दल ने मलबे में दबी बस के पास सर्च अभियान चलाया है व शुरुआत में जो शव मिले हैं वे क्षत विक्षत हालत में हैं। आइटीबीपी व एनडीआरएफ का बचाव दल ने चट्टानों को हटाकर लोगें की तलाश शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा अभी तक मलबे में दबे लोगों का सही आंकड़ा नहीं है। सेना के चौपर से घायलों को रेस्क्यू करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सुबह हेलिकॉप्टर के माध्यम से शिमला से किन्नौर के लिए रवाना हुए। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस विधायक नंदलाल व विक्रमादित्य सिंह भी किन्नौर के लिए निकले।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी आज सुबह घटनास्थल पर पहंचेंगे। सीएम घटनास्थल का जायजा लेंगे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करेंगे। प्रशासन ने एनएच-5 को बहाल कर दिया है। लेकिन अभी यहां से यातायात सुचारू नहीं किया गया है।
परिचालक के मुताबिक बस में 24 लोग सवार थे, ऐसे में आशंका व्यक्त की जा रही है कि इस हादसे में मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। अभी तक 13 लोगों की मृत्यु हादसे में हुई है यदि बस में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित नहीं निकाला जा सका तो मरने वालों का आंकड़ा 30 को भी पार कर सकता है।
आज सेना की मदद ले सकता है प्रशासन
किन्नौर में हुए हादसे में प्रशासन आज सेना की मदद ले सकता है। हालांकि एनडीआरएफ के जवानों को प्रशासन की ओर से सतलुज नदी की ओर खाई में भी भेजा गया था, जहां बस चकनाचूर हालत में मिल गई है। उपायुक्त किन्नौर ने कहा सर्च अभियान में सेना की मदद ली जा सकती है।
आइटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट धर्मेंद्र ठाकुर ने बताया सुबह चार बजे से रेस्क्यू आपरेशन शुरू कर दिया गया है। किन्नौर में बुधवार को हुए हादसे में फंसे हुए लोगों को तलाशने का काम आइटीबीपी की तीन टुकड़ी कर रही हैं। टीम ने सुबह चार बजे से सर्च अभियान शुरू कर दिया। इस दौरान अभी तक तीन शव निकाले गए हैं। इनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। अल सुबह से ही आइटीबीपी की तीन टुकड़ियां जुट गई हैं। बचाव दल की ओर से अब तक 13 लोगों को बचाया जा चुका है।
जिला किन्नौर के निगुलसरी में बुधवार दोपहर 12 बजे के करीब पहाड़ दरकने से एक बस व ट्रक समेत चार अन्य छोटे वाहन मलबे की चपेट में आ गए थे। बचाव दल कड़ी मशक्कत के बाद घटनास्थल पर पहुंचा था, क्योंकि हादसे के बाद काफी देर तक भूस्खलन जारी रहा था। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ सहित आइटीबीपी टीम ने सर्च आपरेशन चलाया हुआ है।






