ब्रेकिंग
Ranchi Police Action: जमशेदपुर हादसे के बाद अलर्ट पर रांची पुलिस, NH और रिंग रोड पर रातभर चला चेकिंग... Ophthalmological Conference Ranchi: 5वीं मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस का आगाज, AI और रोबोटिक सर्जरी पर हुआ मं... Indore Jhanki Results: अनंत चतुर्दशी चल समारोह में राजकुमार मिल की झांकी प्रथम, देखें विजेताओं की पू... Bhopal News Today: फाइव स्टार होटलों में ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़; फूड विभाग के छापे में सड़े मशर... IMD Weather Forecast: सितंबर के आखिरी हफ्ते में फिर सक्रिय हुआ मानसून, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में डिप्रे... Jabalpur-Bhopal NH-45 Toll News: जबलपुर-भोपाल हाईवे पर शाहपुरा टोल टैक्स वसूली पर रोक; नितिन गडकरी न... Nitin Gadkari Bhopal Visit: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का सख्त रुख; RTO में भ्रष्टाचार पर बोले— 'गा... Mandla CMO Bribe Trap: मंडला में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई; 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़... Rajasthan Mayor Election Results: राजस्थान के नगर निगमों में बीजेपी का ऐतिहासिक परचम; जयपुर, जोधपुर ... UP Assembly Election Prep: टिकट के लिए अब दिल्ली-लखनऊ में लॉबिंग नहीं चलेगी, जिलों से तैयार होगी उम्...
देश

बैंक में बंधक जमीन की करा ली रजिस्ट्री, शिकायत लेकर भटक रहा फरियादी

बिलासपुर: बैंक में बंधक जमीन का फर्जी तरीके से रजिस्ट्री व नामांतरण कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शिकायतकर्ता के बीमार पिता का फर्जी हस्ताक्षर कर मकान का भी नामांतरण करा लिया गया है। पीड़ित पुत्र शिकायत लेकर थाने का चक्कर काट रहा है। वहीं, पुलिस उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। मामला मस्तूरी थाना क्षेत्र के पेंड्री का है। यहां रहने वाली भगवंतनी बाई पति लतेलराम अनुसूचित जाति वर्ग की हैं। उन्होंने अपनी जमीन को बेचने के लिए संदीपनी एकेडमी के संचालक महेंद्र चौबे से सौदा तय किया था। एग्रीमेंट के अनुसार छह लाख 85 हजार स्र्पये में जमीन बेचने का पक्का सौदा हुआ था। इसमें से चेक के माध्यम से तीन लाख 60 हजार स्र्पये दिया गया है।

वहीं उसके पति लतेलराम के नाम से भी जमीन है, जिसे छह लाख 52 हजार स्र्पये में खरीदने के नाम पर सौदा बताया गया है। आरोप है कि इस जमीन की रजिस्ट्री उन्हें चकमा देकर करा लिया गया है। जबकि उक्त भूमि मस्तूरी के यूको बैंक में बंधक है। इसमें रजिस्ट्री कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत होने का भी आरोप लगाया गया है।

अपनी दूसरी जमीन की रजिस्ट्री होने पर आवेदक ने आपत्ति भी की गई। साथ ही यह भी बताया गया कि उनकी जमीन बैंक में बंधक है। उन्होंने इस मामले की सूचना तहसील कार्यालय में भी दी और नामांतरण नहीं करने को लेकर आपत्ति लगाई। फिर भी राजस्व अफसरों ने उनकी फरियाद नहीं सुनी। हालाकि बाद में उपपंजीयक कार्यालय में नामांतरण पर रोक लगा दी गई। फिर बाद में आपत्ति का निराकरण किए बिना ही पटवारी से मिलीभगत कर जमीन का नामांतरण करा लिया गया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों एग्रीमेंट में 50 हजार स्र्पये नकद देने का उल्लेख है। पीड़ित पक्ष इस मामले की शिकायत लेकर थाने का चक्कर काट रहे हैं। वहीं पुलिस इसे आपसी लेनदेन व संपत्ति विवाद का मामला बताकर टालमटोल कर रही है।

Related Articles

Back to top button